निघासन खीरी। गायत्री शक्तिपीठ निघासन में शनिवार को 15 दिवसीय निःशुल्क एक्यूप्रेशर चिकित्सा एवं प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। दोपहर 2 बजे आयोजित उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भाग लिया और प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति उत्साह दिखाया।
शिविर के मुख्य वक्ता गायत्री परिवार नैमिषारण्य से आए डॉ. ए.पी. चंद्रवंशी ने एक्यूप्रेशर चिकित्सा की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह एक प्राचीन एवं प्रभावी प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है, जिसके माध्यम से बिना दवा के अनेक रोगों में राहत मिल सकती है। उन्होंने कहा कि इस विधा का प्रशिक्षण प्राप्त कर व्यक्ति स्वयं स्वस्थ रहने के साथ परिवार एवं समाज की सेवा भी कर सकता है।
उन्होंने बताया कि शिविर में डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, गठिया, दमा, मिर्गी, स्पॉन्डिलाइटिस, मोटापा, किडनी एवं हृदय संबंधी रोग, महिलाओं की स्वास्थ्य समस्याएं, पथरी तथा लकवा जैसे रोगों के संबंध में उपयोगी जानकारी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसडीएम निघासन राजीव निगम रहे। इस अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य ट्रस्टी विनोद कुमार सिंह ने उन्हें अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर गायत्री परिवार के वरिष्ठ कार्यकर्ता देवेंद्र कुमार, कनक पाल सिंह राणा, रामकैलाश वर्मा, दामोदर प्रसाद वर्मा, रवींद्र यादव सहित अनेक वरिष्ठ परिजन एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। शिविर में सैकड़ों श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों ने भाग लेकर निःशुल्क एक्यूप्रेशर चिकित्सा का लाभ उठाया।
आयोजकों के अनुसार प्रशिक्षण 5 जुलाई से 20 जुलाई तक प्रतिदिन प्रातः 6 से 7 बजे तथा सायं 6 से 7 बजे तक आयोजित किया जाएगा। वहीं रोगियों के लिए प्रतिदिन प्रातः 8 से 12 बजे एवं सायं 3 से 6 बजे तक निःशुल्क परामर्श एवं एक्यूप्रेशर चिकित्सा सेवा उपलब्ध रहेगी।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर का लाभ उठाकर प्राकृतिक चिकित्सा के इस जनकल्याणकारी अभियान से जुड़ने की अपील की।
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