लखीमपुर खीरी। गौ रक्षा यात्रा के तहत शुक्रवार को लखीमपुर खीरी की निघासन विधानसभा पहुंचे जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ संरक्षण के मुद्दे पर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। गोपाल जी लॉन्स में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार गौहत्या रोकने को लेकर गंभीर नहीं है और इस दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।का
र्यक्रम में शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी बूचड़खानों से चंदा लेती है, इसलिए वह गौहत्या पर सख्त निर्णय लेने से बच रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ माता के संरक्षण के प्रति प्रतिबद्ध होती तो पूरे देश में प्रभावी कानून लागू कर गौहत्या पर पूर्ण रोक सुनिश्चित करती और गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा प्राप्त होता। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार के एक मंत्री सार्वजनिक रूप से गौमांस खाने की बात कहते हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। इसे उन्होंने सरकार के दोहरे रवैये का उदाहरण बताया।शं
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कराचार्य ने कहा कि चुनाव के समय गौ संरक्षण और सनातन संस्कृति की बात की जाती है, लेकिन सत्ता में आने के बाद इन मुद्दों पर अपेक्षित कार्रवाई दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है, इसलिए उसे केवल धार्मिक नहीं बल्कि राष्ट्रीय महत्व के विषय के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने अपनी पुरानी मांग दोहराते हुए कहा कि गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि इससे गौ संरक्षण को मजबूती मिलेगी और समाज में गाय के प्रति सम्मान और बढ़ेगा।
शंकराचार्य ने बताया कि उनकी गौ रक्षा यात्रा का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि गौ संरक्षण के प्रति जनजागरण करना है। यह यात्रा उत्तर प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजर रही है। उन्होंने लोगों से गौ सेवा और गौ रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है।
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