लखीमपुर खीरी। वन्यजीव प्रेमियों के लिए राहत भरी खबर है। दुधवा टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र अब निर्धारित समय से 15 दिन अधिक संचालित होगा। शासन के निर्णय के बाद पर्यटक 30 जून तक दुधवा के घने जंगलों में सफारी का रोमांच महसूस कर सकेंगे। इस फैसले से उन पर्यटकों को भी मौका मिलेगा जो अब तक बुकिंग न मिलने या अन्य कारणों से दुधवा की यात्रा नहीं कर सके थे।
दुधवा टाइगर रिजर्व ने इस पर्यटन सत्र में लोकप्रियता के नए आयाम स्थापित किए हैं। बाघों की लगातार बेहतर साइटिंग, एक सींग वाले गैंडों की मौजूदगी, हाथियों के झुंड और दुर्लभ बारासिंघों के दीदार ने पर्यटकों को खासा आकर्षित किया। यही वजह रही कि इस बार दुधवा में पर्यटकों की संख्या और राजस्व दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
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पार्क प्रशासन के अनुसार, पर्यटन सत्र बढ़ाए जाने से पर्यटकों को गर्मी के मौसम में जलस्रोतों के आसपास वन्यजीवों की गतिविधियों को नजदीक से देखने का अवसर मिलेगा। जून के अंतिम दिनों में वन्यजीव अक्सर पानी के स्रोतों के पास अधिक दिखाई देते हैं, जिससे सफारी का रोमांच और बढ़ जाता है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर राजा मोहन ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुपालन में पर्यटन गतिविधियां अब 30 जून तक जारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधाओं और वन्यजीव संरक्षण के बीच बेहतर संतुलन स्थापित किया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
पर्यटन सत्र बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी संबल मिलने की उम्मीद है। होटल व्यवसाय, गाइड सेवा, स्थानीय परिवहन और अन्य पर्यटन गतिविधियों से जुड़े लोगों में उत्साह का माहौल है। उनका मानना है कि अतिरिक्त 15 दिन क्षेत्र में रोजगार और आय के नए अवसर लेकर आएंगे।
वन्यजीव विशेषज्ञों और फोटोग्राफरों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे प्रकृति प्रेमियों के लिए एक बड़ा अवसर बताया है। उनका कहना है कि दुधवा के जंगल इन दिनों अपनी प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीव विविधता के चरम पर होते हैं, जिसका अनुभव देश-विदेश से आने वाले पर्यटक कर सकेंगे।
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