सख्त छवि के अफसर की एंट्री, उम्मीदों से भरा खीरी
रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी:- जिले की प्रशासनिक तस्वीर बदलने जा रही है। सरकार के हालिया फैसले के बाद लखीमपुर खीरी को नया जिलाधिकारी मिल गया है। 2014 बैच के आईएएस अधिकारी अंजनी कुमार सिंह अब जिले की कमान संभालेंगे, जबकि निवर्तमान डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को प्रमोशन के साथ देवीपाटन मंडल का मंडलायुक्त बनाया गया है। यह बदलाव सिर्फ पद परिवर्तन नहीं, बल्कि जिले की प्रशासनिक दिशा में नए संकेत भी दे रहा है।
अंजनी कुमार सिंह को प्रशासनिक हलकों में एक ऐसे अधिकारी के रूप में जाना जाता है, जो फैसले लेने में देरी नहीं करते। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से प्रशासनिक सेवा में आए सिंह ने जमीनी स्तर पर काम करते हुए अपनी पहचान बनाई है। डिप्टी कलेक्टर से लेकर नगर निगम और जिला पंचायत जैसे अहम पदों पर काम करते हुए उन्होंने सिस्टम की बारीकियों को करीब से समझा। यही अनुभव अब खीरी में उनके कामकाज की दिशा तय करेगा।
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मैनपुरी में उनका कार्यकाल अक्सर चर्चा में रहा, जहां उन्होंने जनसुनवाई को सिर्फ औपचारिकता नहीं रहने दिया। शिकायतों पर तुरंत एक्शन लेने की उनकी शैली ने उन्हें अलग पहचान दी। यही कारण है कि खीरी में उनकी तैनाती को कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कसावट से जोड़कर देखा जा रहा है।
वहीं, दुर्गा शक्ति नागपाल का कार्यकाल खीरी के लिए कई मायनों में यादगार रहा। उन्होंने सिर्फ योजनाओं की फाइलें नहीं बढ़ाईं, बल्कि दूर-दराज के गांवों तक प्रशासन को पहुंचाया। निघासन क्षेत्र का चौगुर्जी गांव इसका उदाहरण है, जहां कभी पहुंचना भी चुनौती था। नाव के सहारे जीवन जी रहे इस गांव तक उन्होंने विकास की सीधी राह बनाई—पैंटून पुल, बिजली और शिक्षा की सुविधाएं वहां के लोगों के लिए बदलाव का प्रतीक बनीं।
करीब 22 महीनों के कार्यकाल में नागपाल ने प्रशासन को संवेदनशील और सक्रिय बनाने की कोशिश की। उनकी कार्यशैली में सख्ती के साथ मानवीय दृष्टिकोण भी साफ दिखा, जिसका असर जिले के कई हिस्सों में नजर आया। अब उन्हें मंडलायुक्त के रूप में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है, जो उनके काम पर भरोसे का संकेत है।
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