लखनऊ। जिले के मसवासी क्षेत्र के गांव भूबरा मुहस्तेकम के मजरा फतेहगंज निवासी 22 वर्षीय शावेद की रूस में गोली लगने से मौत हो गई। शुक्रवार को जैसे ही यह खबर गांव पहुंची, परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। शावेद का शव लेने के लिए परिजन दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं, जहां शनिवार तड़के उसके पार्थिव शरीर के पहुंचने की सूचना है।
परिजनों के अनुसार, शावेद करीब नौ महीने पहले स्टील फर्नीचर का काम करने की बात कहकर रूस गया था। वहां दो महीने काम करने के बाद वह रूस की सेना में भर्ती हो गया। गुरुवार को ड्यूटी के दौरान उसे गोली लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना की जानकारी रूस की आर्मी बटालियन ने फोन के जरिए उसके पिता को दी। शावेद अपने परिवार का मुख्य सहारा था। उसका छोटा भाई मानसिक रूप से अस्वस्थ है, ऐसे में घर की पूरी जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोगों ने उसे मेहनती और मिलनसार युवक बताते हुए कहा कि वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश गया था, लेकिन उसकी जिंदगी बीच राह में ही खत्म हो गई। अब उसके घर में केवल मातम और यादें ही शेष हैं।
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