रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
निघासन खीरी। सही कहा गया है की यदि सच्ची लगन निष्ठा के साथ मेहनत की जाए तो कामयाबी जरूर मिलती है। हम बात कर रहे है निघासन में स्थित एक ऐसे संस्थान की जो अपनी मेहनत और सच्ची लगन निष्ठा से छात्र-छात्राओं को शिक्षित करते हुए इस मुकाम तक पंहुचा है कि अब यह संस्थान किसी परिचय का मोहताज नहीं है।
जी हां हम बात कर रहे है निघासन क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना चुका गायत्री ग्रुप ऑफ स्कूल्स जो आज हजारों विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का आधार बन चुका है। वर्ष 1988 में रकेहटी से शुरू हुए इस संस्थान की नींव बेहद छोटे स्तर पर रखी गई थी, लेकिन संस्थापक की लगन, मेहनत और शिक्षा के प्रति समर्पण ने इसे एक बड़े शैक्षिक संस्थान के रूप में स्थापित कर दिया।
संस्थान के प्रबंधक विनोद सिंह बताते हैं कि शुरुआत में विद्यालय में मात्र 5 बच्चे थे। सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर शिक्षा देने का संकल्प ही संस्थान की सबसे बड़ी ताकत बना। समय के साथ योग्य शिक्षकों की टीम जुड़ती गई और विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माहौल तैयार हुआ, जिसका परिणाम यह रहा कि विद्यालय की पहचान लगातार बढ़ती चली गई।
संस्थान की प्रगति का सिलसिला भी लगातार आगे बढ़ता रहा। वर्ष 1989 में कक्षा 5 तक की मान्यता मिली और इसके बाद 1992 में द्वारिका प्रसाद गायत्री इंटर कॉलेज को रकेहटी से निघासन में स्थापित किया गया। उस समय छात्र-छात्राओं की संख्या लगभग 20 से 40 के बीच थी, लेकिन विद्यालय की शिक्षा व्यवस्था और अनुशासन ने धीरे-धीरे क्षेत्र के लोगों का विश्वास जीत लिया।
विद्यालय की बढ़ती प्रतिष्ठा के साथ ही मान्यताओं का दायरा भी बढ़ता गया। 2003 में कक्षा 8, 2005 में हाईस्कूल और 2010 में इंटरमीडिएट की मान्यता प्राप्त हुई। इसके बाद संस्थान की बागडोर विनोद सिंह ने अपने पुत्र यज्ञ भूषण सिंह को सौंप दी। उनके नेतृत्व में वर्ष 2015 में वाणिज्य और कृषि विज्ञान विषयों की भी मान्यता प्राप्त हुई, जिससे विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के नए अवसर खुले।
आज स्थिति यह है कि जिस संस्थान की शुरुआत महज 5 विद्यार्थियों से हुई थी, उसी गायत्री ग्रुप ऑफ स्कूल्स के इंटर कॉलेज में लगभग 3000 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं, जबकि डिग्री कॉलेज में करीब 1500 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
विद्यालय प्रबंधन की मेहनत और दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि द्वारिका प्रसाद गायत्री इंटर कॉलेज में कक्षा 9 से 12 तक इंग्लिश मीडियम में भी यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। बेहतर शिक्षण व्यवस्था, अनुशासन और आधुनिक शिक्षा पद्धति के कारण यह संस्थान आज लखीमपुर खीरी जिले में अपनी अलग और मजबूत पहचान बना चुका है।
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