लखीमपुर खीरी। जनपद में छोटी काशी के नाम से मशहूर गोला गोकर्णनाथ शिव मंदिर में कॉरिडोर निर्माण का कार्य जोरों से चल रहा है। जिसको लेकर आए दिन अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का आवागमन भी बना रहता है।
रविवार की रात को उस समय हैरान कर देने वाला मामला सामने आया जब कॉरिडोर निर्माण को लेकर खुदाई चल रही थी और अचानक खुदाई में एक सुरंग दिखाई दी। सुरंग दिखाई पड़ने अगले दिन सुबह से लोगों में चर्चा तेज हुई तो लोग उसे देखने के लिए पहुंचने लगे। जानकार लोगों का कहना है कि प्राचीन समय में यह सुरंग नाला का काम करती थी जो पवित्र तीर्थ कुंड से जल बाहर निकालने के लिए बनाया गया होगा तो कुछ लोगों का यह भी कहना है कि यह सुरंग किसी नदी या नहर से जुड़ी होगी जिससे मंदिर में स्थित पवित्र तीर्थ कुंड में जल भरा जाता होगा। हालांकि अभी तक इस सुरंग को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं है और न ही कोई सटीक जानकारी किसी को मिल सकी है। जब सुरंग मिलने की खबर वायरल हुई तो लोग अधिक संख्या में वहां पहुंचने लगे जिसके चलते प्रवेश को लेकर प्रशासन शख्त हो गया है।
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बताते चलें कि जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित छोटी काशी के नाम से मशहूर यह शिव मंदिर लोगों में आस्था का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि जब रावण भगवान शिव को शिवलिंग रूप में हिमालय लंका लेकर जा रहा था तो रास्ते में उसे लघुशंका का आभास हुआ मगर भगवान शिव जी रावण से यह शर्त रखी थी कि यदि वह शिवलिंग को कहीं रख देगा तो वह वहीं पर स्थापित हो जाएगा। इसलिए रावण ने पास में भेड़ चरा रहे एक व्यक्ति को शिवलिंग देकर लघुशंका को चला जाता है। भेड़ चराने वाला वह इंसान और कोई नहीं बल्कि भगवान विष्णु थे उन्होंने शिवलिंग को वहीं पर रख दिया जिससे शिवलिंग वही स्थापित हो गया। तब से लेकर आज तक शिव लिंग वहीं पर स्थापित है। जिसके चलते आज उस स्थान को छोटी काशी के नाम से जाना जाता है। इस शिव मंदिर खुदाई के दौरान रहस्यमई सुरंग दिखाई दी है।
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