रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी: निघासन में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित समारोह में 191 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। डॉ. भीमराव अंबेडकर तराई किसान महाविद्यालय, लालपुर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों का विवाह कराना था, लेकिन समारोह के दौरान भोजन व्यवस्था, साफ-सफाई और कर्मचारियों की तैनाती को लेकर सवाल खड़े हो गए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भोजन पंडाल में अव्यवस्था के साथ दहेज के सामान की रखवाली में सफाईकर्मियों को लगाए जाने का मामला भी सामने आया।
भोजन पंडाल में गंदगी, खाने के पास घूमते दिखे कुत्ते
समारोह में भोजन करने के लिए पहुंचे लोगों को जमीन पर बैठकर खाना खाते देखा गया। इसी दौरान भोजन के आसपास कुत्ते भी घूमते और खाने में मुंह मारते नजर आए। पंडाल में जगह-जगह कागज की थालियां बिखरी हुई थीं। इन परिस्थितियों को लेकर आयोजन की साफ-सफाई और भोजन प्रबंधन पर सवाल उठे।
भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। शिकायत करने वालों के मुताबिक, पनीर कच्चा था और फल के नाम पर केवल केले दिए गए। हालांकि, इन शिकायतों की स्वतंत्र पुष्टि और भोजन की गुणवत्ता की आधिकारिक जांच के संबंध में जानकारी सामने नहीं आई है।

दहेज के सामान की रखवाली में लगाए गए 40 सफाईकर्मी
समारोह की व्यवस्थाओं को लेकर एक और सवाल तब उठा, जब दो ब्लॉकों के करीब 40 सफाईकर्मी दहेज के सामान की रखवाली करते पाए गए। रिपोर्ट के मुताबिक, रमियाबेहड़ ब्लॉक का एक सफाईकर्मी सामान के ऊपर लेटा हुआ भी दिखाई दिया।
इस घटनाक्रम ने सफाईकर्मियों की तैनाती और उनके कार्यों के निर्धारण को लेकर सवाल खड़े किए। जिस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जोड़ों और उनके परिजनों के पहुंचने की संभावना थी, वहां साफ-सफाई की जिम्मेदारी संभालने वाले कर्मचारियों को दूसरे काम में लगाए जाने की स्थिति पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी ने क्या कहा?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिला समाज कल्याण अधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि समारोह में कुल 191 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया। उन्होंने कहा कि शेष जोड़ों का इवेंट जनरेट नहीं हो पाया था।
भोजन पंडाल में गंदगी और सफाई को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने कहा कि वहां काफी भीड़ थी और आने-जाने के लिए एक ही रास्ता था। जब लोग खाना खा रहे थे, तब सफाई कराना मुश्किल था। उनके अनुसार, सुबह सफाई कराई गई थी।
वंदना सिंह ने योजना के बजट की जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक जोड़े के लिए एक लाख रुपये का बजट निर्धारित है। इसमें 64 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में भेजे जाते हैं, जबकि 21 हजार रुपये का गृहस्थी का सामान दिया जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि समारोह में भोजन, पानी और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था थी। हालांकि, कार्यक्रम के दौरान सामने आई अव्यवस्थाओं की तस्वीरों और शिकायतों ने व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा छेड़ दी।

209 जोड़ों का लक्ष्य, 191 का हुआ विवाह
कार्यक्रम के लिए कुल 209 जोड़ों का लक्ष्य निर्धारित था, लेकिन समारोह में 191 जोड़ों का ही विवाह संपन्न कराया गया। बीडीओ जयेश कुमार सिंह के अनुसार, निघासन ब्लॉक के 105 जोड़ों में से 93 और रमियाबेहड़ ब्लॉक के 88 जोड़ों में से 86 जोड़े विवाह समारोह में शामिल हुए।
वहीं, निघासन नगर पंचायत से नौ और सिंगाही नगर पंचायत से तीन जोड़ों का विवाह कराया गया। इस तरह दोनों ब्लॉकों और दोनों नगर पंचायतों के आंकड़ों को मिलाकर कुल 191 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ।

कई जोड़ों ने थामा एक-दूसरे का हाथ
समारोह में फरेंदा के दीपेंद्र और रेनू, लखीमपुर के अरुण और काजल, पंकज और मोहिनी, प्रदीप और संध्या, प्रेमपति भास्कर और रीमा, राजेश कुमार और शिवानी तथा राहुल और पिंकी समेत कई जोड़े विवाह बंधन में बंधे।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए निघासन और सिंगाही थाने की पुलिस मौजूद रही।

व्यवस्थाओं को लेकर उठे सवाल
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण योजना है। ऐसे आयोजनों में विवाह की औपचारिकताओं के साथ स्वच्छ भोजन, साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था और कर्मचारियों की उचित तैनाती भी जरूरी है।
निघासन के इस समारोह में 191 जोड़ों का विवाह संपन्न होना जहां योजना के आयोजन का प्रमुख पहलू रहा, वहीं भोजन पंडाल में गंदगी, खाने के पास कुत्तों की मौजूदगी और सफाईकर्मियों की तैनाती से जुड़े आरोपों ने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए। अब इन शिकायतों की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से आवश्यक सुधार किए जाने को लेकर लोगों की निगाहें टिकी हैं।

















