लखनऊ। कौशांबी जिले में महिला थाना परिसर में पहरेदारी ड्यूटी के दौरान 28 वर्षीय महिला कॉन्स्टेबल प्रियंका यादव की गोली लगने से मौत हो गई। सुबह अचानक थाने में गोली चलने की आवाज सुनाई देने के बाद साथी पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे तो प्रियंका गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिलीं। उनके पास सरकारी राइफल थी।
बताया जा रहा है कि घटना के समय प्रियंका पहरेदारी ड्यूटी पर तैनात थीं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, कुर्सी पर बैठते समय राइफल से अचानक गोली चलने की बात सामने आई है। गोली गर्दन के पास लगी और गंभीर चोट पहुंचाते हुए जबड़े के रास्ते बाहर निकल गई। आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके।
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गोली कैसे चली, स्थिति स्पष्ट नहीं
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार डीएसपी के मुताबिक, गोली किन परिस्थितियों में चली, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। प्रथम दृष्टया यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि प्रियंका ने खुद को गोली मारी या राइफल से गलती से फायर हुआ। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। घटना के समय थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा महिला कॉन्स्टेबल के कमरे की तलाशी भी ली गई, लेकिन पुलिस के मुताबिक वहां से फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
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जांच के बाद सामने आएगी घटना की वास्तविक वजह
अधिकारी के अनुसार, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस घटना से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की बारीकी से जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पुलिसकर्मियों के बयानों के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सरकारी राइफल से गोली आखिर किन परिस्थितियों में चली।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। महिला कॉन्स्टेबल की मौत की खबर से पुलिस महकमे में शोक का माहौल है।
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