रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। जंगलों की हरियाली को छोड़कर तेंदुओं को अब गन्ने की मिठास भरे क्षेत्रों में रहना ज्यादा पसंद आ था है। नतीजा यह है कि अब आबादी वाले क्षेत्रों में आए दिन तेंदुओं की चहलकदमी बढ़ी है तो वहीं इनके हमले से कई लोग घायल तो कई को अपनी जान भी गंवानी पड़ी है। बीते कुछ माह से वनविभाग द्वारा लगाए गए पिंजरों में अधिकांश तेंदुए फंसे और उन्हें सुरक्षित जंगलों में छोड़ा गया।
बताते चलें कि बेलरायां वन रेंज के बैरिया बीट क्षेत्र में तेंदुओं की लगातार गतिविधियों से दहशत में जी रहे ग्रामीणों को बुधवार सुबह बड़ी राहत मिली। डंडूरी गांव के समीप वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में एक और तेंदुआ कैद हो गया। यह एक सप्ताह के भीतर पकड़ा गया दूसरा तेंदुआ है।
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गौरतलब है कि पिछले सप्ताह इसी क्षेत्र में बकरियां चराने गए 10 वर्षीय किशोर पर तेंदुए ने हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। इस दर्दनाक घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया था और वन विभाग से हिंसक वन्यजीवों को पकड़ने की मांग तेज हो गई थी।
ग्रामीणों के बढ़ते दबाव और क्षेत्र में लगातार गश्त के बीच वन विभाग ने संवेदनशील स्थानों पर पिंजरे लगाए और निगरानी बढ़ा दी। इसी अभियान के तहत बुधवार प्रातः डंडूरी गांव के पास लगाया गया पिंजरा सफल रहा और उसमें एक तेंदुआ कैद हो गया।
लगातार दूसरी सफलता मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अभी भी सतर्कता बनाए रखने की आवश्यकता है, क्योंकि आसपास के जंगलों में अन्य हिंसक वन्यजीवों की मौजूदगी से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।
वन विभाग ने लोगों से जंगल के किनारे अकेले न जाने, बच्चों पर विशेष निगरानी रखने और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल विभाग को सूचना देने की अपील की है।
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