लखनऊ। यूपी के अचल संपत्ति क्षेत्र को नई गति देने की दिशा में यूपी रेरा ने बड़ा निर्णय लिया है। प्राधिकरण की 207वीं अथॉरिटी बैठक में प्रदेश के पांच जिलों की 10 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई। इन परियोजनाओं के जरिए करीब ₹1412.55 करोड़ का निवेश होगा और 1632 आवासीय एवं व्यावसायिक इकाइयों का विकास किया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता यूपी रेरा के अध्यक्ष पूर्व आईएएस संजय आर. भूसरेड्डी ने की। मंजूर की गई परियोजनाओं में गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, लखनऊ, गोरखपुर और मुरादाबाद शामिल हैं। सबसे अधिक निवेश गाजियाबाद में प्रस्तावित दो परियोजनाओं में होगा, जहां लगभग ₹957.20 करोड़ की लागत से विकास कार्य किए जाएंगे।
वहीं गौतमबुद्ध नगर में तीन व्यावसायिक परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है, जिनके तहत 680 व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण प्रस्तावित है। लखनऊ में तीन नई परियोजनाओं के माध्यम से 215 आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों का विकास किया जाएगा। इसके अलावा गोरखपुर में मिश्रित उपयोग परियोजना और मुरादाबाद में एक नई आवासीय परियोजना को भी हरी झंडी मिली है।
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यूपी रेरा के चेयरमैन संजय आर भूसरेड्डी ने स्पष्ट किया है कि सभी स्वीकृत परियोजनाओं का विकास रेरा अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप निर्धारित समयसीमा में कराया जाएगा। प्राधिकरण का उद्देश्य घर खरीदारों के हितों की रक्षा करना, परियोजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखना और समय पर निर्माण सुनिश्चित करना है।
आखिर कौन है यूपी रेरा के अध्यक्ष?
गौरतलब है कि यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय आर. भूसरेड्डी वर्ष 1989 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं। जून 2023 में सेवानिवृत्ति के कुछ ही दिनों बाद उन्हें यूपी रेरा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इससे पहले वे प्रदेश में गन्ना विकास, चीनी उद्योग और आबकारी जैसे महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व कर चुके हैं। रेरा में कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने परियोजनाओं की समयबद्ध प्रगति और घर खरीदारों की शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया है।
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