लखनऊ। नियम विरुद्ध निलंबन आदेशों को वापस लेने और विभिन्न मांगों के समाधान की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी संघ एवं ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के बैनर तले लखनऊ के ग्राम पंचायत अधिकारियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों का अनिश्चितकालीन सामूहिक कार्य बहिष्कार जारी है। कर्मचारी 15 सितंबर से विकास भवन परिसर में शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
संगठनों का कहना है कि ग्राम पंचायत कठवारा, विकासखंड बख्शी का तालाब में निर्माणाधीन पंचायत उत्सव भवन में तकनीकी कमियां मिलने के मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी दिनेश पाण्डेय को निलंबित किया गया है। कर्मचारियों का दावा है कि शासनादेश में पंचायत उत्सव भवन एवं पंचायत भवनों के तकनीकी पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी जिला पंचायत के अभियंता की निर्धारित की गई है। ऐसे में तकनीकी कमियों के लिए ग्राम पंचायत सचिव को जिम्मेदार ठहराकर निलंबित करना नियमसंगत नहीं है।
इसी मामले को लेकर 10 सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सचिवों ने विचार-विमर्श किया था। इसके बाद 11 सितंबर को विकासखंड चिनहट सभागार में दोनों संगठनों की संयुक्त बैठक हुई, जिसमें निलंबन वापस लेने के साथ पूर्व में निलंबित अंकित द्विवेदी और सतगुरु प्रसाद को भी बहाल करने की मांग उठाई गई।
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8 विकासखंडों की ग्राम पंचायतों में कामकाज प्रभावित
संगठनों के मुताबिक निर्धारित समय तक मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं होने के कारण 15 सितंबर से कार्य बहिष्कार शुरू किया गया। इसके चलते लखनऊ के चिनहट, बख्शी का तालाब, मोहनलालगंज, सरोजनीनगर, गोसाईंगंज, मलिहाबाद, माल और काकोरी विकासखंडों की ग्राम पंचायतों में विभिन्न शासकीय एवं विकास कार्य प्रभावित होने का दावा किया गया है।
कार्य बहिष्कार के कारण परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, लाभार्थीपरक योजनाओं तथा ग्राम पंचायत स्तर से संचालित विकास कार्यों से जुड़े कामों पर असर पड़ रहा है। संगठन ने कहा कि वह आम जनता को परेशानी में डालना नहीं चाहता, लेकिन मांगों पर समाधान नहीं होने के कारण आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
वेतन और डिजिटल लाइब्रेरी को लेकर भी मांग
कर्मचारियों ने निलंबन वापस लेने के अलावा सभी ग्राम पंचायत अधिकारियों एवं ग्राम विकास अधिकारियों का वेतन प्रत्येक माह समय से जारी करने की मांग की है। संगठन ने गेटवे भुगतान और अन्य तकनीकी कारणों के आधार पर प्रतिकूल प्रविष्टि, परिनिन्दा अथवा वेतन रोकने जैसी कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई है।
डिजिटल लाइब्रेरी योजना में केंद्रीयकृत व्यवस्था से उपलब्ध कराई गई सामग्री की गुणवत्ता और मानकों के लिए ग्राम पंचायत सचिव की जिम्मेदारी निर्धारित न करने तथा लाइब्रेरी के विस्तार एवं निर्माण कार्य सक्षम स्तर से स्वीकृति के बाद कराने की मांग भी रखी गई है।
कार्य बहिष्कार स्थल पर मनाया प्रधानमंत्री का जन्मदिवस
17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर कार्य बहिष्कार स्थल पर सचिवों ने केक काटकर और दीप जलाकर जन्मदिवस मनाया। संगठन की ओर से प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत, डिजिटल इंडिया और विकसित भारत के संकल्पों को ग्राम स्तर पर आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उनके दीर्घायु की कामना की गई।
संगठनों ने शासन-प्रशासन से कर्मचारी हित और जनहित में उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है। साथ ही कहा है कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जा सकता है।
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