रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
निघासन (लखीमपुर खीरी)। स्वच्छता और साफ-सफाई को लेकर किए जाने वाले दावों के बीच निघासन ब्लॉक परिसर में बना सामुदायिक शौचालय बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। करीब पांच वर्ष पूर्व बनाया गया यह शौचालय अब पूरी तरह जर्जर हालत में पहुंच चुका है। शौचालय के अंदर गंदगी का अंबार लगा है, वहीं पानी की टंकी टूटकर दीवार पर लटक रही है। ऐसे में शौचालय की स्थिति न केवल साफ-सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली को भी कटघरे में खड़ा करती है।
ब्लॉक परिसर में विभिन्न सरकारी कार्यों के सिलसिले में प्रतिदिन क्षेत्र के लोग पहुंचते हैं। इनमें ग्रामीणों को अपने जरूरी कामकाज के लिए काफी समय तक परिसर में रुकना पड़ता है। ऐसे में सामुदायिक शौचालय की बदहाल स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। शौचालय का उपयोग करने के लिए पहुंचने वाले लोगों को गंदगी और अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ता है।

टूटी टंकी और गंदगी से बदहाल व्यवस्था
शौचालय की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि लंबे समय से इसके रखरखाव और साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दिया गया है। पानी की टंकी टूटकर दीवार पर लटकी हुई है, जो हादसे की आशंका भी पैदा करती है। वहीं, शौचालय के भीतर गंदगी का अंबार लगा होने से स्वच्छता व्यवस्था की हकीकत सामने आ रही है। करीब पांच साल पहले निर्मित शौचालय का इस तरह जर्जर हो जाना उसके रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

जिम्मेदारों की नजर कब पड़ेगी?
ब्लॉक परिसर जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर सामुदायिक शौचालय की ऐसी स्थिति होना चिंता का विषय है। सरकार की ओर से स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाता है, लेकिन निघासन ब्लॉक परिसर में शौचालय की बदहाली इन प्रयासों के क्रियान्वयन पर सवाल उठा रही है।
अब सवाल यह है कि आखिर ब्लॉक परिसर में बने इस शौचालय की मरम्मत और साफ-सफाई की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? क्या संबंधित अधिकारी इसकी सुध लेकर व्यवस्था दुरुस्त कराएंगे, ताकि ब्लॉक आने वाले लोगों को बुनियादी सुविधा के लिए परेशान न होना पड़े? क्षेत्रीय लोगों को उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी जल्द संज्ञान लेकर शौचालय की मरम्मत, पानी की व्यवस्था और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित कराएंगे।
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