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दुधवा में मिला अनोखे रंग वाला करैत सांप, वैज्ञानिकों की बढ़ी दिलचस्पी।

By: दीप मिश्रा संपादक

On: Saturday, September 12, 2026 7:54 AM

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लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में एक ऐसे कॉमन करैत के मिलने से वन्यजीव विशेषज्ञों की दिलचस्पी बढ़ गई है, जिसका रंग और शरीर पर बनी धारियां सामान्य करैत से कुछ अलग नजर आईं। सांप के शरीर पर जहां आमतौर पर स्पष्ट सफेद या पीली धारियां दिखाई देती हैं, वहीं इस करैत में कई स्थानों पर ये निशान बेहद हल्के थे। इसके बावजूद काले और पीले रंग की चौड़ी पट्टियां साफ दिखाई दे रही थीं।
मामला संपूर्णानगर वन क्षेत्र के सुमेरनगर गांव का है। 16 अगस्त को एक घर में सांप होने की सूचना मिलने पर दुधवा की मोटिवेटर एवं सर्प रेस्क्यूअर नाजरुन निशा और बाघ मित्र निशांत सिंह मौके पर पहुंचे। टीम ने सावधानीपूर्वक सांप को रेस्क्यू कर सुरक्षित किया।
रेस्क्यू के दौरान सांप के शरीर का असामान्य रंग-पैटर्न देखकर टीम ने इसकी तस्वीरें विशेषज्ञों को भेजीं। तस्वीरों के आधार पर भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के जीवविज्ञानी विपुल मौर्य ने इसकी पहचान कॉमन करैत के रूप में की। दुधवा के पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर ने भी सांप की जांच की।

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रंग और धारियों में अंतर ने बढ़ाई उत्सुकता

विशेषज्ञों के मुताबिक सांपों के शरीर का रंग और पैटर्न हमेशा एक जैसा नहीं होता। उम्र, विकास की अवस्था और पर्यावरणीय परिस्थितियों के कारण कुछ प्रजातियों में रंग-रूप में बदलाव देखने को मिल सकता है। वैज्ञानिक अध्ययन में इस तरह के बदलावों को ओन्टोजेनेटिक कलर पैटर्न शिफ्ट के संदर्भ में भी समझा जाता है।
हालांकि सुमेरनगर में मिले करैत में दिखाई दे रहे इस अलग रंग-पैटर्न के पीछे वास्तविक कारण क्या है, फिलहाल इसका निश्चित निष्कर्ष सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी सही वजह जानने के लिए विस्तृत अध्ययन और वैज्ञानिक जांच जरूरी होगी।

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दुधवा की जैव विविधता में जुड़ा एक और रोचक मामला

जीवविज्ञानी विपुल मौर्य के अनुसार तराई का क्षेत्र, विशेषकर दुधवा, सांपों की विविध प्रजातियों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में कॉमन करैत के रंग और धारियों में दिखाई देने वाला यह अंतर वैज्ञानिक दृष्टि से उपयोगी हो सकता है। इससे प्रजातियों में मौजूद प्राकृतिक विविधता तथा उनके पर्यावरणीय अनुकूलन को समझने में नई जानकारी मिल सकती है।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच. राजामोहन ने बताया कि दुधवा की समृद्ध जैव विविधता के कारण यहां सांपों की अनेक प्रजातियां पाई जाती हैं। सुमेरनगर में मिले इस करैत के असामान्य रंग-पैटर्न को लेकर आगे अध्ययन कराया जाएगा। वैज्ञानिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इसके रंग-रूप में आया अंतर किस प्राकृतिक कारण से जुड़ा है।

सीएचसी के सामने ही संचालित हो रहे पैथोलॉजी सेंटर, जांच और कार्रवाई पर उठे सवाल।।

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