लखीमपुर खीरी। तहसील निघासन क्षेत्र की ग्राम पंचायत बरोठा में बाढ़ के दौरान रपटा पर तेज पानी के बहाव से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बुधवार को ग्रामीणों ने बाढ़ के पानी के बीच बरोठा रपटा पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया। उन्होंने रपटा को ऊंचा कराने के साथ ही यहां कोठी पुल का निर्माण कराए जाने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात और बाढ़ के मौसम में हर वर्ष बरोठा रपटा पर तेज पानी का बहाव होने लगता है। इससे आवागमन बाधित होने के साथ ही हादसे की आशंका भी बनी रहती है। ग्रामीणों के मुताबिक रपटा के दोनों ओर सड़क का स्तर ऊंचा है, जबकि रपटा का हिस्सा नीचा होने के कारण बाढ़ का पानी यहां तेजी से एकत्र होकर बहने लगता है। जलस्तर बढ़ने पर स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष भी तेज बहाव के दौरान रपटा पर एक युवक हादसे का शिकार होते-होते बचा था। गांव निवासी अंकित पुत्र प्रहलाद मवेशियों के लिए चारा लेने जा रहा था। इसी दौरान तेज बहाव के कारण उसका पैर फिसल गया और वह पानी में डूबने लगा। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तैरकर किसी तरह उसे बाहर निकाला। हालत गंभीर होने पर ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर उसका लखनऊ में उपचार कराया था।
ग्रामीणों का कहना है कि रपटा पर पानी बढ़ने के बाद लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है। इससे विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों के साथ आने-जाने वाले ग्रामीणों को परेशानी होती है। तेज बहाव के दौरान रपटा पार करना किसी चुनौती से कम नहीं रहता।
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण रामेंद्र भार्गव, विजयपाल, पुरुषोत्तम, गुड्डू राजपूत, राजकुमार आदि ने कहा कि बरोठा रपटा को ऊंचा कराने के साथ यहां कोठी पुल का निर्माण कराया जाना क्षेत्र की महत्वपूर्ण जरूरत है। इससे बाढ़ के दौरान आवागमन सुगम होने के साथ हादसों का खतरा भी कम होगा।
ग्रामीणों ने समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते रपटा की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आगामी बाढ़ के दौरान किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहेगी। ग्रामीणों ने पुल निर्माण को क्षेत्र की प्रमुख आवश्यकता बताते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की।
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