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जंगली हाथियों का कहर: खेत उजड़े, किसानों की उम्मीदें टूटीं, वन विभाग की बेरुखी से बढ़ी मायूसी।

By: दीप मिश्रा संपादक

On: Friday, August 28, 2026 5:20 PM

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निघासन खीरी। क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्राम पंचायत बौधिया कला के मजरा रमुआपुर में हाथियों के झुंड ने किसानों की मेहनत पर लगातार कहर बरपाते हुए कई एकड़ फसल को बर्बाद कर दिया। गन्ने और धान समेत अन्य फसलें रौंदे जाने से किसानों के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
किसानों का कहना है कि उन्होंने महीनों तक खेतों में खून-पसीना बहाकर फसल तैयार की थी। किसी ने खाद-बीज के लिए कर्ज लिया तो किसी ने अपनी जमा पूंजी लगाई। फसल तैयार होने लगी तो जंगली हाथियों के झुंड ने खेतों में घुसकर पूरी मेहनत को पैरों तले रौंद दिया। देखते ही देखते किसानों की आंखों के सामने उनकी उम्मीदें मिट्टी में मिल गईं।
ग्रामीणों के मुताबिक, दर्जनों एकड़ में गन्ने और केले की फसल को हाथियों ने नुकसान पहुंचाया है। लगातार हो रहे नुकसान से किसान अब इतने परेशान हैं कि उनका कहना है कि यदि यही हाल रहा तो खेत बचाना मुश्किल हो जाएगा।
किसानों का आरोप है कि हाथियों के आतंक की जानकारी वन विभाग को होने के बावजूद समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है। फसल नुकसान के बाद मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे किसानों को भी राहत नहीं मिल पा रही है। वन विभाग के रवैये से ग्रामीणों में नाराजगी और मायूसी दोनों बढ़ती जा रही है।
किसानों का कहना है कि एक तरफ जंगली हाथियों का डर, दूसरी तरफ बर्बाद होती फसल और तीसरी तरफ जिम्मेदार विभाग की बेरुखी आखिर किसान जाए तो जाए कहां? रात-रातभर किसान खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं, लेकिन हाथियों के झुंड के सामने उनकी सारी कोशिशें बेबस नजर आ रही हैं।
हाथियों द्वारा नुकसान पहुंचाई गई फसल में किसान अजय कुमार, संतराम, छैल बिहारी, रामकिशोर, कमलेश कुमार, संकटा प्रसाद, लल्ली देवी, जगदीश प्रसाद, मायाराम, बनवारी, बालकराम, सुशील कुमार, कपिल कुमार, पवन कुमार, आरके, रायबहादुर, केदारी, रामेश्वर, नंदलाल, भगोती प्रसाद, रामगोपाल, चुन्नालाल, प्रदीप कुमार, बदलू, परसराम, राधेश्याम, गंगाराम, बालाराम पासी, रामचंदर, रामकुमार, करताराम, अशर्फी लाल, भगलू, विनोद, गजराज, विपिन कुमार, दुर्गेश कुमार, प्रदीप कुमार लोध, अमित कुमार, मनीराम और चेतराम समेत कई किसान बताए जा रहे हैं।
अब किसानों ने वन विभाग और प्रशासन से मांग की है कि जंगली हाथियों से फसलों की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं और जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, उन्हें नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाए।

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