रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। दुधवा में विश्व हाथी दिवस के मौके पर वन्यजीव संरक्षण का संदेश जमीन पर जीवंत होता नजर आया। बेलरायां रेंज की छंगा नाला चौकी पर वन विभाग और WWF की टीम ने हाथियों के सम्मान में विशेष आयोजन किया, जहां गजराजों के लिए उनकी पसंदीदा खाद्य सामग्री से सजी दावत परोसी गई।
दोपहर करीब 12 बजे आयोजित कार्यक्रम में हाथियों को गन्ना, केला, कटहल, लौकी, कद्दू, मक्का, खीरा-ककड़ी, गुड़ और चना सहित कई तरह के खाद्य पदार्थ खिलाए गए। जंगल के इन विशालकाय जीवों को करीब से दावत का आनंद लेते देख मौके पर मौजूद लोगों में भी खास उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल हाथियों को भोजन कराना नहीं, बल्कि मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व और हाथियों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी रहा। वन विभाग तथा डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सदस्यों ने कहा कि हाथी जंगल के पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनके संरक्षण के लिए विभागीय प्रयासों के साथ जनसहयोग भी जरूरी है।
वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दुधवा टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 25 राजकीय हाथी हैं, जबकि 125 से अधिक जंगली हाथी रिजर्व क्षेत्र और आसपास के वन क्षेत्र में विचरण करते हैं। बड़ी संख्या में मौजूद जंगली हाथियों के कारण उनके संरक्षण के साथ-साथ मानव-हाथी संघर्ष को कम करना भी महत्वपूर्ण चुनौती है।
विश्व हाथी दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम इसी व्यापक संदेश के साथ संपन्न हुआ कि जंगल की समृद्धि केवल पेड़-पौधों और वन्यजीवों की संख्या से नहीं, बल्कि उनके सुरक्षित और संतुलित सहअस्तित्व से तय होती है। छंगा नाला चौकी पर गजराजों की दावत इसी संरक्षण भावना की एक खास तस्वीर बनकर सामने आई।
विज्ञापन
विश्व हाथी दिवस पर दुधवा में गजराजों की खातिरदारी के लिए परोसी गई पसंदीदा खास दावत।।











