लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आगामी पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियों को गति देते हुए राज्यभर में ग्राम स्तर पर गन्ना सर्वे और अभिलेख सत्यापन अभियान शुरू कर दिया है। इस पहल का उद्देश्य किसानों के रिकॉर्ड को पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि गन्ना आपूर्ति और भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम हो सके।
राज्य के 45 गन्ना उत्पादक जिलों के 41,818 गांवों में चल रहे इस अभियान के लिए 4,294 विशेष टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह अभियान 20 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक संचालित होगा। इस दौरान किसान अपने गन्ना क्षेत्रफल, फसल की प्रजाति, बैंक खाते, मोबाइल नंबर, आधार और अन्य आवश्यक विवरणों का सत्यापन करा सकेंगे। यदि किसी प्रकार की त्रुटि सामने आती है तो उसका सुधार भी कराया जा सकेगा।
अभियान के दौरान किसानों को उनके गन्ना रिकॉर्ड से जुड़े 63 महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही संबंधित भूमि का मिलान राजस्व अभिलेखों से किया जाएगा, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी या विवाद की संभावना कम हो सके।
गन्ना विभाग ने नए किसानों के लिए भी अवसर उपलब्ध कराया है। इच्छुक किसान 30 सितंबर 2026 तक आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपनी संबंधित गन्ना समिति की सदस्यता के लिए आवेदन कर सकते हैं। सदस्य बनने के बाद उन्हें विभागीय योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
यदि किसी किसान को सर्वे या अभिलेखों से संबंधित कोई समस्या आती है, तो उसके समाधान के लिए जिला, परिक्षेत्र और प्रदेश स्तर पर शिकायत निवारण व्यवस्था सक्रिय रहेगी। किसान अपनी शिकायत टोल-फ्री नंबर 1800-121-3203 पर दर्ज करा सकते हैं। अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस अभियान के माध्यम से किसानों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY) जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक किसान इनका लाभ उठा सकें।
गन्ना एवं चीनी विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपने गांव में आयोजित सर्वे कार्यक्रम में अवश्य शामिल हों और समय रहते अपने सभी अभिलेखों का सत्यापन करा लें, ताकि आगामी पेराई सत्र के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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