लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव होने तक ग्राम प्रधान ही प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालते रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के संचालन में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी।
सरकार के निर्देश के अनुसार पंचायत चुनाव संपन्न होने तक वर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में कार्य करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इससे गांवों में चल रही योजनाओं, विकास परियोजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों को निरंतर जारी रखा जा सकेगा।
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बताया जा रहा है कि पंचायत चुनाव की तैयारियों और प्रक्रिया में समय लगने की संभावना को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि यदि प्रशासनिक व्यवस्था में खालीपन आता है तो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्राम प्रधानों को अस्थायी रूप से प्रशासकीय अधिकार देने का फैसला किया गया है।
इस निर्णय के बाद ग्राम पंचायतों में सड़क, सफाई, पेयजल, आवास और अन्य सरकारी योजनाओं के कार्य पहले की तरह चलते रहेंगे। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार गांव, गरीब और विकास को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है तथा पंचायत व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
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