रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। निघासन विधानसभा क्षेत्र में हर वर्ष आने वाली बाढ़ से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। बरसात के मौसम में शारदा की सूतिया नदी का बढ़ता जलस्तर गांवों और खेतों तक पहुंच जाता है, जिससे हजारों बीघा फसल बर्बाद हो जाती है। लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे किसानों ने हाल ही में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं झंडी स्टेट के राजा राजेश्वर सिंह से मुलाकात कर अपनी परेशानी साझा की थी।
किसानों ने बताया कि बाढ़ के कारण खेती करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। फसल बर्बाद होने से किसानों की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है। किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए राजा राजेश्वर सिंह ने मामले को शासन स्तर तक पहुंचाया और मुख्यमंत्री समेत सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निघासन क्षेत्र की स्थिति से अवगत कराया था। जिसके बाद संबंधित विभाग द्वारा बाढ़ नियंत्रण को लेकर लालबोझी शारदा सूतिया में तिगुडिया लगाई गई थी जिससे पिछले वर्ष पहले की अपेक्षा बाढ़ कम आई और किसानों की फसल काफी हद तक नष्ट होने से बच गई।
इसके बाद राजा राज राजेश्वर सिंह के प्रयासों से प्रशासन और सिंचाई विभाग ने क्षेत्र में सक्रियता बढ़ा दी। बीते विगत लगभग एक माह पूर्व बाढ़ खण्ड व सिचािई खण्ड के विभागीय अधिकारियों की उच्च स्तरीय संयुक्त टीम ने बैलहा रपटा पुल, लालबोझी व सूतिया क्षेत्र का निरीक्षण कर बाढ़ रोकने के लिए जरूरी कदमों पर चर्चा की। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने नालों की सफाई और अतिरिक्त पानी की रोकथाम एवं निकासी की मांग भी अधिकारियों के सामने रखी ।
रविवार को लालबोझी शारदा सूतिया क्षेत्र में बांध निर्माण का कार्य भी पूरा कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार बांध को मजबूत बनाने के लिए दोनों तरफ अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था भी की जाएगी ताकि बरसात के दौरान पानी के दबाव को नियंत्रित किया जा सके। विभाग का मानना है कि इस पहल से घाघी क्षेत्र में आने वाले अतिरिक्त पानी को काफी हद तक रोका जा सकेगा।
क्षेत्र में शुरू हुए इस कार्य को लेकर किसानों में खुशी का माहौल है।
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