लखनऊ। राज्य सरकार ने गन्ना किसानों की खुशहाली और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए अब तक 3,15,753 करोड़ रूपये का गन्ना मूल्य का रिकार्ड भुगतान सुनिश्चित किया है इससे 48 लाख गन्ना किसानों को बड़ी राहत मिली है। सरकार की सख्त निगरानी और नियमित समीक्षा के चलते चीनी मिलों द्वारा भुगतान प्रक्रिया में तेजी आई है और वर्तमान पेराई सत्र में अधिकांश चीनी मिलों द्वारा किसानों को समय से गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा रहा है। गन्ना मूल्य भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सरल बनाने के लिए डिजिटल मानिटरिंग भी की जा रही है।
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यह जानकारी गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने देते हुए बताया कि किसानों को गन्ना पर्ची, सर्वे तथा गन्ना मूल्य भुगतान की जानकारी एसएमएस एवं विभागीय पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध करायी जा रही है। गन्ना मूल्य का समय से भुगतान होने से प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा गन्ना किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए किसान हितैषी योजनाओं और डिजिटल नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। इससे प्रदेश की गन्ना भुगतान संबंधी प्रक्रिया में सकारात्मक सफलता मिली है।
गन्ना आयुक्त ने बताया कि गन्ना किसान प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में है इसलिए वर्ष 2017 से अब तक गन्ना किसानों को सबसे बड़ी धनराशि का भुगतान कराया गया है जो एक रिकार्ड है। प्रदेश सरकार ने गन्ना मूल्य में ऐतिहासिक बढ़ोत्तरी करते हुए पेराई सत्र 2025-26 में गन्ना मूल्य की दरों में 30 रूपया प्रति कुन्तल की वृद्धि की गयी है। इसके तहत अगैती प्रजातियों के लिए 400 रूपया प्रति कुन्तल एवं सामान्य प्रजातियों के लिए 390 रूपया प्रति कुन्तल की दर निर्धारित की गयी है। इस बढ़ोत्तरी से गन्ना किसानों को लगभग 3,000 करोड़ रूपये का अतिरिक्त गन्ना मूल्य भुगतान प्राप्त होगा। इस प्रकार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 01 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने में गन्ना विभाग का महत्वपूर्ण योगदान होगा।
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उल्लेखनीय है कि उन्नत गन्ना बीज उत्पादन बढ़ाने और समृद्ध किसान के संकल्प को साकार करने के लिए गन्ना खेती में तकनीकी क्रांति के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। इसके तहत एनएसआई कानपुर और गन्ना शोध परिषद के साथ पिछले महीने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इससे अभिजनक बीज की उपलब्धता में 12 हजार कुन्तल की वृद्धि होगी और मध्य एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों को लाभ मिलेगा। समझौता ज्ञापन के माध्यम से गन्ना किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने तथा गन्ना खेती को अधिक वैज्ञानिक और लाभकारी बनाने की दिशा में गन्ना विकास विभाग द्वारा नई तकनीक अपनाई जा रही है। गन्नें की नई किस्मों के बीज की उपलब्धता बढ़ाने तथा प्रजातियों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए उ०प्र० गन्ना शोध परिषद एवं बलरामपुर चीनी मिल की इकाई हैदरगढ के मध्य समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया है। इस समझौते से टिश्यू कल्बर के माध्यम से उन्नत गन्ना प्रजातियों के रोग मुक्त गन्ना पौध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और उन्नत गन्ना किस्मों की कम समय में अधिक क्षेत्रफल पर बुवाई हो सकेगी।





























