लखीमपुर खीरी। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी की जिले की पहली प्रस्तावित यात्रा उस समय प्रभावित हो गई, जब वाईडी कॉलेज के मुख्य गेट पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के चलते कुलपति की कार कॉलेज गेट से ही वापस लौट गई। कुलपति को जिले के 62 डिग्री कॉलेजों के प्राचार्यों के साथ बैठक में शामिल होना था।
कॉलेज प्रशासन के मुताबिक, कुलपति के आगमन को लेकर बैठक की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। इसी बीच एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने कॉलेज गेट पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान गेट पर भीड़ जमा होने से कुलपति का वाहन कॉलेज परिसर में प्रवेश नहीं कर सका और उन्हें वापस लौटना पड़ा।
कुलपति के लौटने के बाद भी प्रदर्शन जारी रहने का दावा
कॉलेज प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया कि कुलपति के वापस लौटने के बाद भी प्रदर्शन जारी रहा। प्रशासन का दावा है कि इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्राचार्य और शिक्षकों के साथ अमर्यादित व्यवहार किया। बैठक में शामिल होने वाले अतिथियों और शिक्षकों के लिए तैयार किए गए भोजन की व्यवस्था में भी अव्यवस्था होने की बात कही गई है।
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ABVP ने कॉलेज प्रशासन के आरोपों को बताया गलत
वहीं, एबीवीपी के विभाग संयोजक अजय पाण्डेय ने कॉलेज प्रशासन के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि भोजन कॉलेज के छात्रों की फीस से तैयार कराया गया था। उनका दावा है कि छात्रों ने भोजन नहीं खाया, बल्कि प्रदर्शन के दौरान उनसे प्लेटें छीन ली गई थीं।
कॉलेज प्रशासन बोला- मांग रखने का अधिकार, लेकिन रास्ता रोकना उचित नहीं
कॉलेज प्रशासन ने कहा कि विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं और मांगें रखने का पूरा अधिकार है। जायज मांगों को विश्वविद्यालय स्तर तक पहुंचाने के लिए महाविद्यालय तैयार है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि मुख्य गेट को अवरुद्ध कर कुलपति का रास्ता रोकना और शैक्षणिक बैठक को बाधित करना उचित नहीं है।
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पुलिस की भूमिका पर भी उठाया सवाल
कॉलेज प्रशासन ने यह भी दावा किया कि कुलपति के कार्यक्रम की सूचना पुलिस को समय से दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद मौके पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। प्रशासन ने घटना को जिले के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
प्राचार्य ने संवाद और अनुशासन पर दिया जोर
प्राचार्य ने देर शाम प्रेस से बातचीत में कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान संवाद और अनुशासन के माध्यम से किया जाना चाहिए। कॉलेज प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
कुल मिलाकर, कुलपति के दौरे के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन ने प्रस्तावित शैक्षणिक बैठक को प्रभावित कर दिया। मामले में कॉलेज प्रशासन और एबीवीपी की ओर से घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं।
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