लखीमपुर लखनऊ अलीगढ वाराणसी आगरा आजमगढ़ इटावा एटा उन्नाव कनौज कानपूर कासगंज गोरखपुर गाजीपुर कुशीनगर कौशांबी गाज़ियाबाद गौतमबुद्ध नगर चंदौली चित्रकूट जालौन जौनपुर झाँसी देवरिया पीलीभीत प्रतापगढ़ प्रयागराज फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूँ बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बारांबकी बिजनौर बुलंदशहर भदोही मऊ मथुरा महाराजगंज महोबा मिर्ज़ापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली ललितपुर शाहजहांपुर श्रावस्ती संत कबीर नगर संत रविदास नगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस अन्य
Latest news

विज्ञापन

सोशल मीडिया का सहारा पाकर स्टार बनी रानू मंडल आखिर फिर से गुमनामी के अंधेरे में हो गई गुमनाम।

By: दीप मिश्रा संपादक

On: Sunday, October 5, 2025 1:56 PM

Google News
Follow Us

रानू मंडल(Ranu Mandal): वो कहते है कि हर किस्से की शुरुआत सुनी अनसुनी कहानियों से होती है कानों में पड़े दिल को छूते अल्फाजों से होती है। सुनी तो मैने भी थी एक ऐसी गुमनामी की कहानी जो अचानक चमक के साथ आई और फिर गुमनामी के अंधेरे में गुमनाम हो गई।
हम बात कर रहे है गुमनाम होकर जिंदगी बिता रही रानू मंडल की जिन्होंने लोगों के दिलों में अपनी आवाज के माध्यम से एक अलग छाप छोड़ी है।

वफादार कुत्ते ने मालिक की जान बचाने के लिए दी कुर्बानी, जहरीले सांप से भिड़कर तोड़ा दम।

ये तो हम सभी जानते है कि आज का दौर सोशल मीडिया का दौर है और पता नहीं कब कौन वायरल होकर फर्श से अर्श पर पहुंच जाए। दरअसल रानू मंडल उस वक्त चर्चे में आई जब वह एक रेलवे स्टेशन पर विक्षुब्ध हालत में गीत गाते हुए देखी गई। उनकी आवाज सुनकर लोग हैरान थे और उनके द्वारा गए हुए गीत का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया और देखते ही देखते उनका ये वीडियो इतना ज्यादा वायरल हुआ कि रानू मंडल रातों रात स्टार बन गई। यहां तक उन्हें सिंगर हिमेश रेशमिया में अपने पास बुलाकर एक गाने पर काम भी दिया है।

कम दाम व लाजवाब फीचर्स के साथ OPPO का यह फोन मचा रहा धमाल।

रानू मंडल ने हिमेश रेशमिया के साथ “तेरी मेरी कहानी” गाना भी गया और यह गाना काफी हद लोगों को पसंद भी आया। मगर हम सभी जानते है कि जिस तरह किस्मत ऊपर पहुंचाती है उसी तरह वह कब आपको नीचे गिरा दे इसका कोई भरोसा नहीं। यही रानू मंडल के साथ हुआ। कम समय में स्टार बनी रानू मंडल एक बार फिर से गुमनामी के अंधेरे में अपना जीवन व्यतीत कर रही है। पश्चिम बंगाल के राणाघाट में रानू मंडल रहती है और जो उनसे मिलने जाता है वह उनके लिए खाने योग्य चीजें ले जाता है। फिलहाल रानू मंडल को एक बार फिर से पहचान की जरूरत है और वह अपने खंडहर रूपी घर में रहती है और उनका मानसिक संतुलन सही नहीं है।

गन्ना किसानों के लिए बढ़ी सदस्यता की तिथि, अब सभी को मिलेगा पेराई सत्र 2025-26 का मौका।

विज्ञापन

For Feedback - pratibhatimes1@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join you tube

Subscribe

Related News

October 28, 2026

October 28, 2026

October 27, 2026

October 27, 2026

October 27, 2026

October 26, 2026

Leave a Comment