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लखनऊ में राजा रघुबर सिंह की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, महापौर सुषमा खर्कवाल ने नवनिर्मित छतरी का किया लोकार्पण।

By: दीप मिश्रा संपादक

On: Saturday, October 24, 2026 8:46 PM

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रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के लालबाग स्थित झण्डी राज पार्क में शनिवार, 24 अक्टूबर को झण्डी स्टेट के दानवीर एवं प्रतापी तालुकेदार श्रद्धेय राजा रघुबर सिंह साहब की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल ने पार्क में स्थापित राजा रघुबर सिंह साहब की प्रतिमा के ऊपर नगर निगम द्वारा नवनिर्मित छतरी का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में झण्डी राज के वर्तमान राजा राजा राजेश्वर सिंह सहित झण्डी राज परिवार के सदस्य और अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान राजा रघुबर सिंह साहब की दानशीलता, लोकसेवा और जनकल्याण के लिए किए गए कार्यों को याद करते हुए उनकी स्मृति को नमन किया गया। झण्डी राज पार्क का इतिहास राजा साहब की उस उदार परंपरा का प्रतीक है, जिसमें निजी संपत्ति को समाजहित के लिए समर्पित करने को सर्वोच्च महत्व दिया गया।

1916 में नगरपालिका को जनहित में समर्पित की थी संपत्ति

श्रद्धेय राजा रघुबर सिंह साहब ने लखनऊ के लालबाग स्थित अपनी संपत्ति को 16 मई 1916 को पार्क के रूप में तत्कालीन नगरपालिका को जनहित में समर्पित किया था। इसी योगदान के सम्मान में पार्क का नाम ‘झण्डी राज पार्क’ रखा गया, जबकि इससे संलग्न मार्ग का नाम ‘राजा रघुबर सिंह मार्ग’ रखा गया।
पार्क का शिलान्यास तत्कालीन आईसीएस अधिकारी और लखनऊ के डिप्टी कमिश्नर एल. एम. जापलिंग ने किया था। यह ऐतिहासिक स्थल आज भी राजा साहब की दानशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की विरासत को संजोए हुए है।

2000 में स्थापित हुई थी प्रतिमा, 2011 में दोबारा हुआ अनावरण

झण्डी राज पार्क में 24 अक्टूबर 2000 को राजा रघुबर सिंह साहब की प्रतिमा स्थापित की गई थी। इसका अनावरण तत्कालीन महापौर डॉ. एस.सी. राय ने किया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता तत्कालीन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) शिवेन्द्र सिंह ने की थी, जबकि झण्डी राज परिवार के तत्कालीन राजा एवं पूर्व विधायक राजा राज ब्रजराज सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही थी।
बाद में पार्क में भूतल पार्किंग के निर्माण के कारण प्रतिमा को स्थानांतरित किया गया। 14 नवंबर 2011 को तत्कालीन महापौर डॉ. दिनेश शर्मा ने प्रतिमा का पुनः अनावरण एवं लोकार्पण किया था। इस दौरान राजा राज ब्रजराज सिंह भी मौजूद रहे थे।
अब प्रतिमा के ऊपर नगर निगम द्वारा नवनिर्मित छतरी का लोकार्पण किया जाना ऐतिहासिक स्मारक के संरक्षण और राजा साहब की स्मृति को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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खीरी से अवध तक जनकल्याण के कार्यों के लिए याद किए जाते हैं राजा साहब

जनपद लखीमपुर खीरी और अवध क्षेत्र की प्रतिष्ठित झण्डी स्टेट के राजा रघुबर सिंह साहब ने जनकल्याण के अनेक उल्लेखनीय कार्य किए। उनके योगदान में अंतरवेद आश्रम और विभिन्न मंदिरों का निर्माण तथा जनहित के लिए सैकड़ों एकड़ भूमि दान करने जैसे कार्य शामिल बताए जाते हैं।
उनका जीवन इस बात का उदाहरण माना जाता है कि समाज के प्रभावशाली और संपन्न लोग अपनी संपत्ति तथा संसाधनों का उपयोग जनहित में करके आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थायी विरासत तैयार कर सकते हैं।

झण्डी राज परिवार की मौजूदगी में स्मरण की गई विरासत

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में झण्डी राज के वर्तमान राजा राजा राजेश्वर सिंह, राजमाता भक्ति देवी, कुँवर राज विजय राज सिंह, कुँवर रानी देविका सिंह तथा झण्डी राज परिवार के अन्य सदस्यों की सहभागिता निर्धारित थी। अवध क्षेत्र के विभिन्न राजपरिवारों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया था।
झण्डी राज पार्क में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व को श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन दानवीरों और लोकसेवियों के योगदान को याद करने का अवसर भी है, जिन्होंने अपनी निजी संपत्तियों को सार्वजनिक उपयोग के लिए समर्पित किया।
राजा रघुबर सिंह साहब की स्मृति में निर्मित छतरी उनके योगदान को सम्मान देने के साथ ही उनकी लोकसेवा और दानशीलता की परंपरा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।

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