पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी के मामले में दो PCS अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। पूरनपुर तहसील के उपजिलाधिकारी (SDM) मयंक गोस्वामी और अमरिया तहसील के उपजिलाधिकारी हेमंत चौधरी को उनके पद से हटा दिया गया है। दोनों अधिकारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। मामले में चुनाव आयोग ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
13,150 मतों की सूची में गड़बड़ी का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीलीभीत सदर विधानसभा क्षेत्र संख्या 127 की मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि मतदाता सूची का अंतिम ड्राफ्ट जारी होने के बाद 13,150 मतों से संबंधित सूची में गड़बड़ी की गई। उस समय मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी ERO की जिम्मेदारी निभा रहे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग के निर्देश पर कार्रवाई की गई है। दोनों अधिकारियों को SDM पद से हटाने के साथ उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं, मामले में FIR दर्ज होने की भी जानकारी सामने आई है।
16,554 मतदाताओं का मामला भी चर्चा में
इस पूरे प्रकरण में 16,554 मतदाताओं से जुड़े कथित मामले को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। उपलब्ध जानकारी में एक मंत्री का नाम सामने आने की बात कही जा रही है, हालांकि इस संबंध में किसी की भूमिका या आरोपों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
मतदाता सूची में गड़बड़ी का मामला चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़ा है। ऐसे में जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल, संबंधित अधिकारियों की भूमिका और कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
मतदाता सूची में किसी भी तरह की अनियमितता का सीधा संबंध मतदाताओं के अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता से होता है। ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय करना और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करना जरूरी है। अब विभागीय जांच और FIR के आधार पर मामले के अन्य पहलुओं का खुलासा होने की उम्मीद है।
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