रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। पलिया-भीरा रोड पर रपटा पुल के पास शनिवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। हादसे में जान गंवाने वाली नर्सिंग छात्रा क्रांति देवी, प्रियंका व रामजीवन के शव रविवार शाम पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे तो परिजनों में कोहराम मच गया। अपनों के शव देखते ही परिवार के लोगों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
निघासन क्षेत्र के बोझिया वार्ड नंबर तीन, चंद्रगुप्तनगर निवासी रामखिलावन की पुत्री क्रांति देवी व बोटनपुरवा निवासी प्रियंका भीरा के संतगढ़ स्थित वन बीट कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज में नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थीं। परिवार को उनसे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन दर्दनाक हादसे ने उन सपनों को अधूरा छोड़ दिया।

जानकारी के अनुसार, रामजीवन पुत्र सोनेलाल शनिवार को अपने काम से भीरा गए थे। काम निपटाने के बाद वह बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान दोनों नर्सिंग छात्राएं भी उसी बाइक पर सवार होकर आ रही थीं। पलिया-भीरा रोड पर रपटा पुल के पास तेज रफ्तार ट्रक और बाइक की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक ट्रक के नीचे फंस गई। हादसे में बाइक सवार तीनों लोगों की जान चली गई।

घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। रविवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचे तो परिवारों में चीख-पुकार मच गई। घरों में मातम पसरा रहा और अपनों को खोने का दर्द हर आंख में दिखाई दिया।

नर्सिंग की पढ़ाई कर अपने भविष्य को संवारने में जुटी क्रांति देवी व प्रियंका की असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वहीं, रामजीवन की मौत से उनके परिजनों पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पलिया-भीरा रोड पर हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
नेहा सिंह राठौर का ABP News को जवाब, बोलीं- कोर्ट में मिलते हैं; माफी से नहीं खत्म होगा मामला।

















