लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बुधवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। समाजवादी पार्टी से निष्कासित गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। उनके साथ गोसाईगंज के विधायक अभय सिंह और कालपी के विधायक विनोद चतुर्वेदी भी भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस घटनाक्रम को प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरपाल मौर्य और मंत्री दारा सिंह चौहान समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।
सपा से बढ़ती दूरी के बीच बदला राकेश प्रताप सिंह का राजनीतिक रुख
गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह समाजवादी पार्टी के टिकट पर तीन बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में सपा नेतृत्व के साथ उनके संबंधों में लगातार खटास आती गई। धार्मिक मुद्दों पर पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की टिप्पणियों का विरोध करते हुए राकेश प्रताप सिंह ने सार्वजनिक मंच से अपनी असहमति जाहिर की थी। इसके बाद उनकी पार्टी से दूरियां और बढ़ गईं।
लखीमपुर खीरी: रानीगंज गांव में घर के अंदर निकला 6 फीट लंबा अजगर, वन विभाग ने किया रेस्क्यू।
वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भी उनका रुख सपा-कांग्रेस गठबंधन की राजनीतिक रणनीति से अलग नजर आया। उन्होंने अमेठी से भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी के समर्थन में प्रचार किया था। इससे पहले उनके परिवार के कुछ सदस्य भी भाजपा का दामन थाम चुके थे।
तीन विधायकों की एंट्री से भाजपा को क्या मिलेगा?
राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी के भाजपा में शामिल होने की खबर ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। तीनों विधायकों के दल बदलने से संबंधित क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा तेज हो सकती है। वहीं, इस घटनाक्रम का समाजवादी पार्टी की राजनीति पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल, सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम और संबंधित नेताओं के आधिकारिक बयानों के बाद ही इस घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
लखीमपुर में तेंदुए का हमला, 7 साल की बच्ची की मौत, रातभर तलाश के बाद गन्ने के खेत में मिला शव।

















