लखीमपुर लखनऊ अलीगढ वाराणसी आगरा आजमगढ़ इटावा एटा उन्नाव कनौज कानपूर कासगंज गोरखपुर गाजीपुर कुशीनगर कौशांबी गाज़ियाबाद गौतमबुद्ध नगर चंदौली चित्रकूट जालौन जौनपुर झाँसी देवरिया पीलीभीत प्रतापगढ़ प्रयागराज फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूँ बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बारांबकी बिजनौर बुलंदशहर भदोही मऊ मथुरा महाराजगंज महोबा मिर्ज़ापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली ललितपुर शाहजहांपुर श्रावस्ती संत कबीर नगर संत रविदास नगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस अन्य
Latest news

विज्ञापन

करोड़ों की परियोजना के बावजूद मोहाना नदी का तांडव, घरों की दहलीज तक पहुंचा कटान।

By: दीप मिश्रा संपादक

On: Wednesday, August 26, 2026 9:36 PM

Google News
Follow Us

रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
निघासन खीरी। मोहाना नदी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। जसनगर व नया पिंड में नदी के तेज कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। देखते ही देखते कटान शिवभगवान, रामकुमार और गोवर्धन के घरों तक पहुंच गया, जिससे इन परिवारों पर आशियाना उजड़ने का खतरा मंडराने लगा है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि कटान रोकने के नाम पर करोड़ों रुपये की परियोजनाओं के बावजूद मोहाना नदी के आगे सरकारी इंतजाम बेबस क्यों नजर आ रहे हैं? ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो कई मकान नदी की जद में आ सकते हैं।
कटान की विकराल स्थिति को देखते हुए बुधवार को एसडीएम निघासन यदुवीर सिंह और नहर विभाग के अधिशासी अभियंता मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और मकानों को कटान से बचाने के लिए नदी किनारे पत्थरों का जाल लगवाया गया है। फिलहाल यह कवायद नदी के बढ़ते कटान को रोकने और प्रभावित मकानों को सुरक्षित रखने के लिए की जा रही है।

करोड़ों की परियोजना पर उठे सवाल

मोहाना नदी के कटान से बार-बार तबाही का खतरा पैदा होने के बीच अब सरकारी परियोजनाओं की उपयोगिता पर सवाल उठने लगे हैं। यदि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी नदी का कटान ग्रामीणों के घरों की चौखट तक पहुंच रहा है, तो आखिर इन परियोजनाओं का धरातल पर कितना असर हुआ?
ग्रामीणों का सीधा सवाल है कि जब कटान रोकने की व्यवस्था कारगर नहीं थी तो करोड़ों रुपये की परियोजना को नदी की धारा में बहाने का क्या फायदा हुआ?
अब देखना होगा कि पत्थरों के जाल से मोहाना नदी का विकराल कटान थमता है या फिर ग्रामीणों को अपने आशियाने बचाने के लिए एक और बड़ी तबाही का इंतजार करना पड़ेगा।

कार सवारों को डूबता देख फरिश्ते बनकर खाई में कूदे पांच दोस्त, बचाई पांच जिंदगियां।

विज्ञापन

For Feedback - pratibhatimes1@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join you tube

Subscribe

Leave a Comment