रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
सिंगाही (लखीमपुर खीरी)। जौराहा नदी के किनारे भैंसों को पानी पिलाने गए 54 वर्षीय किसान रमेश सिंह को मगरमच्छ द्वारा नदी में खींचे जाने की घटना के 24 घंटे बाद भी उनका कोई सुराग नहीं लग सका है। किसान की तलाश में वन विभाग और पुलिस की टीमें लगातार नदी और आसपास के इलाकों में अभियान चला रही हैं। घटना के बाद से मांझा और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है।
बुधवार सुबह मांझा फार्म निवासी रमेश सिंह अपनी भैंसों को पानी पिलाने जौराहा नदी के किनारे पहुंचे थे। इसी दौरान पानी में घात लगाए बैठे मगरमच्छ ने अचानक उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मगरमच्छ किसान को देखते ही पानी के भीतर खींच ले गया। किसान के साथ मौजूद बेटे ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को मदद के लिए बुलाया, लेकिन तब तक रमेश सिंह नदी की गहराई में गायब हो चुके थे।
घटना की जानकारी मिलते ही बेलरायां रेंज के रेंजर भूपेंद्र चौधरी और सिंगाही प्रभारी निरीक्षक दिलीप चौबे पुलिस तथा वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद नदी के किनारे और आसपास के संभावित स्थानों पर किसान की तलाश शुरू की गई। स्थानीय ग्रामीण भी अपने स्तर से नदी के आसपास निगरानी कर रहे हैं।
24 घंटे बीतने के बाद भी किसान का पता नहीं चलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। परिवार के लोग लगातार नदी की ओर टकटकी लगाए हुए हैं और किसी अनहोनी की आशंका से परेशान हैं। वन विभाग की टीम नदी के उन हिस्सों को भी खंगाल रही है, जहां मगरमच्छ की मौजूदगी की संभावना जताई जा रही है।
मगरमच्छ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत
जौराहा नदी और आसपास के जलभराव वाले क्षेत्रों में मगरमच्छों की मौजूदगी पहले भी सामने आती रही है। किसान पर हमले के बाद ग्रामीणों में भय और बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने तथा लोगों को सतर्क करने की मांग की है।
वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों में अकेले न जाने तथा मवेशियों को पानी पिलाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। फिलहाल रमेश सिंह की तलाश जारी है और सभी की निगाहें वन विभाग के अभियान पर टिकी हैं।
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