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बाढ़ से बचाव के लिए राजा राजेश्वर सिंह के प्रयासों से निघासन में हुए कई महत्वपूर्ण कार्य।।

By: दीप मिश्रा संपादक

On: Monday, August 17, 2026 5:41 PM

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लखीमपुर खीरी। विधानसभा क्षेत्र निघासन में बाढ़ और जलभराव की समस्या से ग्रामीणों को राहत दिलाने तथा जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं झंडी स्टेट के राजा राज राजेश्वर सिंह के प्रयासों से पिछले वर्षों में कई महत्वपूर्ण कार्य कराए गए हैं। इन कार्यों का उद्देश्य बरसात के दौरान बाढ़ के पानी को नियंत्रित करने, जलभराव कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन को सुरक्षित एवं सुगम बनाना है।
शारदा की बहतिया नदी में बाढ़ के पानी से गांवों को बचाने के लिए विकासखंड निघासन के सहयोग से तमोलिनपुरवा में करीब तीन किलोमीटर लंबे अस्थायी बांध का निर्माण कराया गया है। इससे निघासन और धौराहरा क्षेत्र के कई दर्जन गांवों को बाढ़ के पानी से सुरक्षा मिलने में मदद मिलेगी। इसी क्रम में ठाकुरपुरवा रपटा नाले की सफाई भी कराई गई है। पुल के दोनों ओर नाले की सफाई होने से पीछे से आने वाले बाढ़ के पानी को उसके प्राकृतिक रास्ते से बहतिया होते हुए शारदा नदी तक पहुंचने में सुविधा होगी, जिससे आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या कम होने की उम्मीद है।
इन दोनों कार्यों का कुछ माह पूर्व जिलाधिकारी ने भी राजा राजेश्वर सिंह के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था तथा संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे।
मंडप फार्म के पास वर्षों से बाढ़ के पानी और सिल्ट से बंद पड़े घाघी नाले की करीब एक किलोमीटर तक खुदाई और सफाई का कार्य भी सिंचाई विभाग के माध्यम से कराया गया है। नाले के चालू होने से बरसात के दौरान पीछे से आने वाले घाघी के पानी की निकासी सुचारु होने में मदद मिलेगी। इस कार्य में बाधा बन रहे कुछ स्थानीय विवादों के समाधान में भी राजा राजेश्वर सिंह की अहम भूमिका रही।
ढखेरवा रपटा पर बरसात के दौरान पैर फिसलने और हादसों की आशंका को देखते हुए राजा राजेश्वर सिंह के अनुरोध पर जिलाधिकारी के निर्देश से विकासखंड निघासन द्वारा रेलिंग का निर्माण कराया गया तथा गड्ढों की पटाई कराई गई। इससे बाढ़ के दौरान रपटा पार करने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा बेहतर होने की उम्मीद है।
लालबोझी में बाढ़ खंड द्वारा तिगुड़िया लगाकर नाले पर अस्थायी बांध का निर्माण कराया गया है। इसका उद्देश्य शारदा से निकलने वाली सुतिया नदी के अतिरिक्त पानी को नियंत्रित करना है। यही पानी आगे घाघी में पहुंचता है और पानी की अधिकता होने पर क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है।
निघासन से झंडी मार्ग के निर्माण के समय पीछे से आने वाले बरसाती पानी की निकासी को ध्यान में रखते हुए राजा राजेश्वर सिंह के अनुरोध पर मंडलायुक्त लखनऊ के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क निर्माण के साथ दो पुलियों का निर्माण कराया गया। इससे बारिश के पानी की निकासी में सुविधा होने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के आवागमन को भी सुगम बनाने में मदद मिली है।
बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए राजा राजेश्वर सिंह ने ठाकुरपुरवा रपटा पुल के स्थान पर लोक निर्माण विभाग से ऊंचे पुल के निर्माण की मांग मुख्यमंत्री से की है। उनका मानना है कि ऊंचे पुल के निर्माण से बहतिया नदी के पानी की निकासी की समस्या का स्थायी समाधान निकल सकेगा और बरसात के दौरान ग्रामीणों को आवागमन में भी राहत मिलेगी।
बाढ़ आपदा के समय प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने का कार्य भी राजा राजेश्वर सिंह द्वारा लगातार किया जाता रहा है। झंडी कोठी में सैकड़ों की संख्या में लंच पैकेट तैयार कराकर ट्रैक्टर और नावों के माध्यम से प्रभावित गांवों में पहुंचाए जाते हैं। उनके अनुसार बाढ़ के दौरान प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने का यह राहत कार्य करीब 15 वर्षों से किया जा रहा है।
राजा राजेश्वर सिंह का कहना है कि निघासन विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ और जलभराव की समस्या के समाधान के लिए वह पिछले कई वर्षों से जिले के संबंधित अधिकारियों, जिलाधिकारी, मुख्य अभियंता और प्रमुख सचिव सिंचाई विभाग से लगातार संपर्क करते रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री से भी दो बार मुलाकात कर क्षेत्र की स्थिति से अवगत कराया और पत्र देकर आवश्यक कार्यवाही की मांग की। उनके प्रयासों के बाद सिंचाई विभाग की उच्चस्तरीय संयुक्त टीम ने प्रभावित क्षेत्रों का मौके पर निरीक्षण किया, जिसके बाद कई कार्यों में तेजी आई।
इन कार्यों से निघासन विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों में जल निकासी, बाढ़ नियंत्रण और आवागमन व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। वहीं ठाकुरपुरवा में ऊंचे पुल की मांग को क्षेत्र में बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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