रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में तेंदुए के हमलों से ग्रामीणों में दहशत बढ़ती जा रही है। सिंगाही थाना क्षेत्र में बुधवार शाम घर के बाहर खेल रहे छह वर्षीय बच्चे पर तेंदुए ने हमला कर दिया। हिंसक वन्यजीव बच्चे को जबड़े में दबोचकर जंगल की ओर ले गया। परिजनों और ग्रामीणों ने बच्चे को बचाने के लिए काफी तलाश की, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। करीब ढाई घंटे की खोजबीन के बाद घर से लगभग 500 मीटर दूर जंगल में बच्चे का शव बरामद हुआ। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है, जबकि लगातार हो रहे हमलों से नाराज ग्रामीण वन विभाग से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
खेलते समय बच्चे पर झपटा तेंदुआ
जानकारी के मुताबिक, सिंगाही थाना क्षेत्र में जोगा सिंह का छह वर्षीय बेटा मनजोत सिंह बुधवार शाम घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। शाम करीब छह बजे अचानक तेंदुआ वहां पहुंचा और बच्चे को अपने जबड़े में दबोच लिया। इससे पहले कि परिवार के लोग कुछ समझ पाते, तेंदुआ बच्चे को लेकर जंगल की ओर भाग निकला।
बच्चे की चीख-पुकार और लोगों का शोर सुनकर परिजन बाहर आए। उन्होंने तेंदुए का पीछा किया और आसपास के ग्रामीणों के साथ बच्चे की तलाश शुरू कर दी। गांव के आसपास काफी देर तक खोजबीन की गई, लेकिन शुरुआती प्रयासों में बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला।
लखीमपुर में तेंदुए का हमला, 7 साल की बच्ची की मौत, रातभर तलाश के बाद गन्ने के खेत में मिला शव।
ढाई घंटे की तलाश के बाद मिला शव
घटना की सूचना मिलने पर सिंगाही पुलिस भी मौके पर पहुंची और तलाश अभियान में जुट गई। काफी मशक्कत के बाद रात करीब 8:30 बजे घर से लगभग 500 मीटर दूर जंगल में मनजोत का शव मिला। तेंदुए के हमले में बच्चे की दर्दनाक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
मनजोत अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके पिता जोगा सिंह खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में मां कोमल प्रीत, बड़े भाई अंग्रेज सिंह और अनमोल सिंह तथा दादी अमरजीत हैं। मासूम की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सिंगाही थाना प्रभारी राजबहादुर सिंह के मुताबिक, घर के पास खेल रहे छह वर्षीय बच्चे को तेंदुआ उठा ले गया था। तलाश के दौरान पुलिस ने जंगल से बच्चे का शव बरामद किया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लगातार हमलों से ग्रामीणों में आक्रोश
लखीमपुर खीरी में तेंदुए के हमलों की घटनाएं ग्रामीण परिवारों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही हैं। सिंगाही की घटना से पहले सोमवार शाम धौरहरा वन रेंज के बोझिया गांव में भी सात वर्षीय बच्ची पर तेंदुए ने हमला कर दिया था। बच्ची घर के आंगन में मौजूद थी, तभी तेंदुआ उसे उठाकर गन्ने के खेतों की ओर भाग गया।
बेटी को बचाने के लिए पिता ने तेंदुए का पीछा किया, लेकिन घने खेतों में उसका पता नहीं चल सका। रातभर तलाश के बाद मंगलवार सुबह घर से करीब 500 मीटर दूर खेत में बच्ची का शव मिला था।
लगातार दो घटनाओं से इलाके के लोगों में भय और नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग तेंदुए की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाए और हमलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए, ताकि गांवों में रहने वाले बच्चों और परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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