सावन का माह और सरयू की पुकार “मेरे अस्तित्व को मिटने से बचा लो”, क्या कोई मेरी पुकार सुनेगा?

रिपोर्ट: शरद मिश्रा लखीमपुर खीरी। “मैं वही सरयू नदी हूं, जिसने सदियों तक तुम्हारी प्यास बुझाई, खेतों को हरियाली दी, … Continue reading सावन का माह और सरयू की पुकार “मेरे अस्तित्व को मिटने से बचा लो”, क्या कोई मेरी पुकार सुनेगा?