लखीमपुर लखनऊ अलीगढ वाराणसी आगरा आजमगढ़ इटावा एटा उन्नाव कनौज कानपूर कासगंज गोरखपुर गाजीपुर कुशीनगर कौशांबी गाज़ियाबाद गौतमबुद्ध नगर चंदौली चित्रकूट जालौन जौनपुर झाँसी देवरिया पीलीभीत प्रतापगढ़ प्रयागराज फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूँ बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बारांबकी बिजनौर बुलंदशहर भदोही मऊ मथुरा महाराजगंज महोबा मिर्ज़ापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली ललितपुर शाहजहांपुर श्रावस्ती संत कबीर नगर संत रविदास नगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस अन्य
Latest news

विज्ञापन

लखीमपुर खीरी: शिकार के लालच में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ, चार घंटे के भीतर वन विभाग को मिली सफलता।।

By: दीप मिश्रा संपादक

On: Friday, October 30, 2026 8:23 AM

Google News
Follow Us

निघासन के ढकरेवा खालसा में आवारा पशु का शिकार करने के बाद केले के खेत में पहुंचा था तेंदुआ, ग्रामीणों की मांग पर लगाया गया था पिंजड़ा।

रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। निघासन क्षेत्र में पिछले कई दिनों से दहशत का पर्याय बना तेंदुआ आखिरकार शिकार के लालच में पिंजड़े में कैद हो गया। वन विभाग की ओर से घटनास्थल के समीप पिंजड़ा लगाए जाने के महज चार घंटे के भीतर तेंदुआ उसमें फंस गया। तेंदुए के पिंजड़े में कैद होने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
मामला वन क्षेत्र लुधौरी के अंतर्गत ढकरेवा खालसा का है। जानकारी के अनुसार, यहां कई दिनों से एक तेंदुआ राजस्व भूमि पर विचरण कर रहा था। इसी दौरान तेंदुए ने गांव टापरपुरवा मजरा ढकरेवा खालसा निवासी छोटेलाल पुत्र खेमन के आवास के समीप एक आवारा पशु पर हमला कर उसे मार डाला। इसके बाद तेंदुआ पशु को खींचकर पास के केले के खेत में ले गया और उसके शव को आंशिक रूप से खा लिया। शिकार करने के बाद तेंदुआ मौके से चला गया। वन विभाग की ओर से मृत पशु के शव को नियमानुसार जमीन में दफन करा दिया गया।

 

लगातार तेंदुए की मौजूदगी और शिकार की घटना से ग्रामीणों में भय का माहौल था। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की ओर से क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियों पर नियंत्रण रखने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पिंजड़ा लगाए जाने की मांग की जा रही थी। ग्रामीणों की मांग और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने घटनास्थल के समीप तेंदुए को सुरक्षित रेस्क्यू करने के उद्देश्य से पिंजड़ा लगाया।
वन विभाग की यह रणनीति सफल रही और पिंजड़ा लगाए जाने के करीब चार घंटे के भीतर शिकार के लालच में तेंदुआ पिंजड़े में कैद हो गया। इस पूरी कार्रवाई की निगरानी मोहम्मद मोबिन आरिफ, क्षेत्रीय वन अधिकारी दक्षिण निघासन रेंज के दिशा-निर्देशन में की जा रही थी।
इस दौरान वन दरोगा अखिलेश रावत, वन रक्षक कमलकांत, वन्यजीव रेस्क्यूअर अक्षय मौर्य, मनोज चौरसिया और ड्राइवर राजन सहित वन विभाग की टीम लगातार दिन-रात निगरानी में जुटी रही।
वन विभाग की टीम ग्रामीणों को तेंदुए की संभावित गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने, अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने और जरूरी सुरक्षा सावधानियां अपनाने के लिए जागरूक भी कर रही है। तेंदुए के पिंजड़े में कैद होने से क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत महसूस की है। अब वन विभाग की ओर से आगे की नियमानुसार रेस्क्यू प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

किसानों के लिए बड़ी खबर! गाय पालन और डेयरी कारोबार पर मिल सकती है सरकारी सहायता, जानें पूरी जानकारी।

विज्ञापन

For Feedback - pratibhatimes1@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join you tube

Subscribe

Related News

October 30, 2026

October 29, 2026

October 29, 2026

October 29, 2026

October 28, 2026

October 28, 2026

Leave a Comment