लखीमपुर खीरी। गोला गोकर्णनाथ क्षेत्र स्थित कबीरधाम आश्रम में राष्ट्रीय संत असंग देव के 60वें अवतरण दिवस समारोह का अंतिम दिन धार्मिक आयोजन के साथ सियासी संदेशों के नाम भी रहा। बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह समेत कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों ने शिरकत की। मंच से राष्ट्रवाद, प्रदेश की कानून-व्यवस्था और सरकार की कार्यशैली जैसे मुद्दे उठे।
कार्यक्रम में नेताओं के संबोधन का केंद्र सामाजिक एकता, राष्ट्रीय पहचान और उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था में आए बदलावों के दावे रहे। इस दौरान स्वतंत्र देव सिंह के एक बयान ने विशेष ध्यान खींचा, जबकि केशव प्रसाद मौर्य ने वर्ष 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना साधा।

स्वतंत्र देव सिंह बोले- राष्ट्रवाद को दें सर्वोच्च प्राथमिकता
जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अपने संबोधन में जातिवाद, क्षेत्रवाद, व्यक्तिवाद, परिवारवाद और वंशवाद से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और शासन के प्रति लोगों का विश्वास बनाए रखना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “अगर मोदी-योगी को छोड़ दिया तो माथे पर टीका नहीं बचेगा।” उनके इस बयान ने कार्यक्रम में राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया।
स्वतंत्र देव सिंह ने विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों की वापसी के प्रयासों का उदाहरण देते हुए केंद्र सरकार की भूमिका का जिक्र किया। साथ ही श्रीनगर में तिरंगा फहराने की बात उठाकर उन्होंने राष्ट्रवाद के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया।

केशव मौर्य ने पुराने दौर की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की तुलना पिछली सरकारों के कार्यकाल से की। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में अपराधियों का प्रभाव था और लोगों को जमीनों पर अवैध कब्जे का भय सताता था।
मौर्य ने उस दौर की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले अपराधी पुलिस से भयभीत होने के बजाय पुलिस ही अपराधियों से डरती थी। उन्होंने मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव आने का दावा किया। उनके संबोधन में प्रदेश में कानून का शासन स्थापित करने और आम लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा कायम करने की बात प्रमुखता से सामने आई।
अजय मिश्र टेनी ने संसद में तकनीकी बदलावों का किया जिक्र
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने भारतीय संसद में हुए तकनीकी सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन बदलावों से संसदीय कार्यप्रणाली में सुधार हुआ है। उन्होंने भारतीय संसद को दुनिया की सबसे बेहतर संसद बताया। यह उनके संबोधन में व्यक्त किया गया दावा था।

कई जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी, सुरक्षा के रहे व्यापक इंतजाम
समारोह में भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता, आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल, गोला विधायक अमन गिरि, कस्ता विधायक सौरभ सिंह सोनू, सदर विधायक योगेश वर्मा और धौरहरा विधायक विनोद शंकर अवस्थी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम में प्रमुख अतिथियों की मौजूदगी और वीआईपी आवागमन को देखते हुए आश्रम तथा आसपास के मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और अतिथियों की आवाजाही सुचारु रखने के लिए पुलिसकर्मी सतर्क रहे।
कुल मिलाकर, कबीरधाम में आयोजित यह समारोह धार्मिक आस्था के साथ राजनीतिक विचारों और सरकार के कामकाज पर चर्चा का मंच भी बना। नेताओं के संबोधनों में राष्ट्रवाद, कानून-व्यवस्था और शासन की प्राथमिकताओं को लेकर अलग-अलग संदेश सामने आए।

















