लखीमपुर खीरी: मझगई वन रेंज में बाघों की चहलकदमी से ग्रामीणों में दहशत है। टांडा समेत जंगल से सटे गांवों में बाघों की मौजूदगी और दस दिनों में तीन मवेशियों का शिकार किए जाने से चिंता बढ़ गई है। सोमवार को गन्ने के खेत से मवेशी लेकर लौट रहे किसान प्रीतम सिंह के सामने बाघ आ गए। किसी तरह सुरक्षित निकलने के बाद किसान ने ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने दुधवा से हथिनी डायना और पाखली को बुलाकर निगरानी और कांबिंग अभियान शुरू कराया है।मझगई रेंज के गुनाखर, किशुन टांडा और कोलवा फार्म समेत आसपास के गांवों में पिछले दस दिनों से बाघों की गतिविधियां देखी जा रही हैं। तीन मवेशियों का शिकार किए जाने के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है।
स्वच्छता अभियान के बीच निघासन ब्लॉक के शौचालय का बुरा हाल, सुविधाओं पर उठे सवाल।
जंगल से सटे खेतों में काम करने और मवेशियों को चराने जाने वाले लोग विशेष रूप से चिंतित हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि खेतों में छिपे बाघ उनकी सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।सोमवार को किसान प्रीतम सिंह गन्ने के खेत से मवेशी लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान उनके सामने बाघ आ गए। अचानक बाघों को देखकर किसान घबरा गए। किसी तरह सुरक्षित निकलने के बाद उन्होंने ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद क्षेत्र में बाघों की मौजूदगी को लेकर चिंता और बढ़ गई।बाघों की निगरानी और उनकी लोकेशन का पता लगाने के लिए सोमवार देर शाम दुधवा से हथिनी डायना और पाखली को क्षेत्र में लाया गया। मंगलवार को महावतों और वन विभाग की टीम ने हथिनियों के साथ गांवों के आसपास कांबिंग की। कैमरों और लोकेशन के आधार पर बाघों की तलाश की जा रही है।मझगई वन क्षेत्राधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि दोनों हथिनियों के साथ वन विभाग की टीम लगातार कांबिंग कर रही है। कैमरों और लोकेशन के सहारे बाघों की निगरानी की जा रही है। उन्हें पकड़ने के लिए भी तैयारी की जा रही है।

















