लखीमपुर खीरी। जिले में वन्यजीवों का आतंक एक बार फिर मासूम की जिंदगी पर भारी पड़ गया। सोमवार शाम जंगल से सटे टॉपरपुरवा गांव में तेंदुए ने आठ वर्षीय बच्चे पर हमला कर दिया। घर के बाहर खेल रहे अमित को तेंदुआ अचानक दबोचकर गन्ने के खेतों की ओर ले गया। बच्चे की चीख सुनकर मां बाहर दौड़ीं, लेकिन उनकी आंखों के सामने ही तेंदुआ मासूम को लेकर ओझल हो गया। करीब दो घंटे तक चली तलाश के बाद घर से लगभग एक किलोमीटर दूर गन्ने के खेत में बच्चे का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, जबकि पूरे गांव में भय का माहौल है।
घर में बन रहा था खाना, बाहर खेल रहा था मासूम
जानकारी के मुताबिक, जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर शारदानगर वन रेंज के अंतर्गत टॉपरपुरवा गांव के बक्कसपुरवा मोहल्ले में विनोद कुमार अपने परिवार के साथ रहते हैं। घर के पास ही उनकी किराने की दुकान है। परिवार में पत्नी पूनम देवी, मां माधुरी और तीन बच्चे हैं। सोमवार शाम करीब आठ बजे पूनम देवी रसोई में खाना बना रही थीं। इसी दौरान उनका आठ वर्षीय बेटा अमित घर के बाहर खेल रहा था।
बताया जाता है कि इसी बीच खेत की तरफ से आए तेंदुए ने अमित पर हमला कर दिया। बच्चे की आवाज सुनकर मां घर से बाहर निकलीं और शोर मचाया, लेकिन तब तक तेंदुआ उसे जबड़ों में दबोचकर खेतों की ओर भाग चुका था। अचानक हुई इस घटना से परिजनों के होश उड़ गए। ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और बच्चे की तलाश में जुट गए।
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दो घंटे बाद गन्ने के खेत में मिला शव
मासूम की तलाश में परिजन और ग्रामीण आसपास के खेतों में खोजबीन करते रहे। काफी देर तक कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार की बेचैनी बढ़ती गई। आखिरकार, घर से करीब एक किलोमीटर दूर गन्ने के खेत में अमित का शव मिला। हमले में बच्चे के शरीर पर गंभीर चोटें आई थीं। शव की हालत देखकर परिजन बिलख पड़े। ग्रामीण शव को चादर में लपेटकर घर लेकर पहुंचे।
घटना की सूचना पुलिस और वन विभाग को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मासूम की मौत की खबर मिलने पर डीएफओ और वन क्षेत्राधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे।
तेंदुए के हमलों से सहमे ग्रामीण, गश्त बढ़ाने की मांग
इस दर्दनाक घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का दावा है कि पिछले दस दिनों में तेंदुए के हमले की यह चौथी घटना है। लोगों का कहना है कि जंगल से सटे गांवों में लगातार खतरा बना हुआ है और बच्चों तथा ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में नियमित गश्त बढ़ाने, तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने और उसे जल्द पकड़ने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि खेतों और आबादी के आसपास वन्यजीवों की मौजूदगी के बीच ग्रामीणों को सतर्क रहने के साथ-साथ सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम भी जरूरी हैं।
वन विभाग ने कॉम्बिंग शुरू करने की कही बात
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रेंजर अरुण श्रीवास्तव ने तेंदुए के हमले में बच्चे की मौत की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, वन विभाग की टीम क्षेत्र में कॉम्बिंग कर रही है और तेंदुए की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जाएंगे और उसे पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
फिलहाल टॉपरपुरवा में अमित की मौत से परिवार का सहारा छिन गया है। एक ओर परिजन गहरे सदमे में हैं, तो दूसरी ओर ग्रामीणों के मन में यही सवाल है कि जंगल से सटे गांवों में लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी और तेंदुए के आतंक से कब राहत मिलेगी।

















