रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। जिले की राजनीति से दुखद खबर सामने आई है। पूर्व विधायक बाला प्रसाद अवस्थी का शुक्रवार दोपहर बेल्तुआ गांव में निधन हो गया। वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बाला प्रसाद अवस्थी चार बार विधायक रहे। वह मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र से दो बार और धौरहरा विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक चुने गए थे। वह पूर्व में भाजपा के जिलाध्यक्ष भी रह चुके थे।
भाजपा और बसपा के टिकट पर चार बार जीते विधानसभा चुनाव
बाला प्रसाद अवस्थी ने अपने राजनीतिक सफर में भाजपा और बसपा दोनों के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीते। वर्ष 1991 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर धौरहरा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। इसके बाद वर्ष 2007 और 2012 में बसपा के टिकट पर विधायक बने। वर्ष 2017 में भाजपा में वापसी के बाद उन्होंने फिर विधानसभा चुनाव जीता।
वह जिले की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेताओं में शामिल रहे। विधायक के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाने के कारण भी उनकी राजनीतिक पहचान रही।

2022 के विधानसभा चुनाव से पहले चर्चा में आए
वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले बाला प्रसाद अवस्थी राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर चर्चा में आए थे। उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह को पत्र लिखकर पार्टी छोड़ने का निर्णय जताया था। उस समय उनके समाजवादी पार्टी में जाने को लेकर भी चर्चा हुई थी। हालांकि, बाद में उन्होंने भाजपा में वापसी कर ली।
अपनी वापसी के संबंध में उन्होंने कहा था कि कुछ विशिष्ट लोगों के षड्यंत्र के कारण उन्होंने सपा में जाने का निर्णय लिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि मिशन 2022 को देखते हुए राष्ट्रहित में अपने परिवार के साथ जाने का फैसला किया और तत्काल घर वापसी कर ली।
इससे पहले वर्ष 2007 में भी उन्होंने भाजपा छोड़कर बसपा का दामन थामा था। वर्ष 2017 में भाजपा में वापसी के बाद वह फिर विधायक चुने गए।
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कई नेताओं ने जताया शोक
पूर्व विधायक बाला प्रसाद अवस्थी के निधन पर धौरहरा की पूर्व सांसद एवं भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा, धौरहरा सांसद आनंद भदौरिया समेत जिले के कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया। उनके निधन से समर्थकों और परिचितों में शोक का माहौल है।
बाला प्रसाद अवस्थी का राजनीतिक सफर जिले की राजनीति में लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके निधन से क्षेत्र ने एक अनुभवी राजनीतिक व्यक्तित्व को खो दिया है।
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