लखनऊ। योगी सरकार ने लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। चीफ मिनिस्टर योगी आदित्यनाथ ने संकेत दिया है कि राज्य में जल्द ही आउटसोर्स सेवा आयोग लागू किया जाएगा। इसके गठन के बाद आउटसोर्स व्यवस्था के तहत कार्यरत कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मानदेय तय करने की व्यवस्था लागू होगी, जिससे लंबे समय से वेतन विसंगति का सामना कर रहे कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का वेतन कम से कम 16 से 20 हजार होना चाहिए।
विधानमंडल के मानसून सत्र के शुभारंभ से पहले पत्रकारों से बातचीत में चीफ मिनिस्टर ने बताया कि सरकार अगले एक से डेढ़ सप्ताह के भीतर इस दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेने जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों के हितों की सुरक्षा और उन्हें सम्मानजनक पारिश्रमिक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की जा रही है।
योगी सरकार ने 13 आईएएस अधिकारियों के किए ट्रांसफर, शंभू कुमार बने बरेली मंडल के मंडलायुक्त।।
चीफ मिनिस्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहुओं, विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों तथा ग्राम चौकीदारों के मानदेय में सुधार के लिए सरकार पहले ही अनुपूरक बजट में वित्तीय प्रावधान कर चुकी है। ऐसे में मानदेय बढ़ोतरी के लिए धन की कोई बाधा नहीं रहेगी और आवश्यक निर्णय लागू होने के बाद इसका लाभ संबंधित कर्मचारियों तक पहुंचाया जाएगा।
यूपी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों के पोषण, टीकाकरण और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जबकि आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं। इसी प्रकार विद्यालयों की रसोइयां मध्यान्ह भोजन योजना और ग्राम चौकीदार गांवों की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। इन सभी वर्गों द्वारा लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग उठाई जाती रही है।
सरकार की इस पहल को प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहतभरा कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सेवा आयोग के गठन के बाद आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और न्यूनतम मानदेय को लेकर एक व्यवस्थित व्यवस्था विकसित होगी, जिससे उन्हें अधिक पारदर्शी और सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सकेगा।
प्रदेश के पांच जिलों की 10 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी:- संजय आर. भूसरेड्डी











