लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट ने पलटा हाईकोर्ट का फैसला, सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक विवादित निर्णय को निरस्त करते हुए कहा है कि किसी महिला को गलत नीयत से पकड़ना और उसकी सलवार का नाड़ा खोलना महज छेड़छाड़ नहीं माना जा सकता।
शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसी हरकत को केवल ‘रेप की तैयारी’ नहीं, बल्कि सीधे तौर पर ‘दुष्कर्म का प्रयास’ की श्रेणी में देखा जाएगा। अदालत ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई महिला की गरिमा और सुरक्षा पर गंभीर आघात है।
पशु पक्षी धरती मां का वो गहना है जिनके बिना श्रृंगार अधूरा।।

























