पशु पक्षी। हम अपने आपको बहुत भाग्यशाली मानते है, मगर उस भाग्य का उदय तब होता है जब हम अपनी खुशियों के साथ-साथ औरों कि खुशियों को भी ध्यान में रखते है, क्योंकि पशु पक्षी भी इस पृथ्वी का एक अंश है या यूं कह लें कि पशु-पक्षी धरती माँ का वो गहना है जिसके बिना श्रृंगार अधूरा है। इनकी मदद न कर सको तो फिर इनको कोई तकलीफ भी न दो।
जैसे हम इंसानों की जिंदगी है वैसे ही इन पशु-पक्षियों की भी अपनी एक जिंदगी है। हम अपने तरीके से अपनी जिंदगी को जीते है तो ये भी अपने तरीके से अपनी जिंदगी को जीते है। जब ये हमे कोई तकलीफ नही पहुँचाते तो फिर हम इंसान इनपे इतना अत्याचार क्यों करते है। तनिक सोचों क्या कभी किसी पक्षी ने हम इंसानों से कुछ मांगा है मगर इतना जरूर है कि जब हम इंसानों से अनाज का निवाला बच जाता है तो उसे फेंक देते है और ये पक्षी उस अनाज को व्यर्थ न होने के बजाय वो बचा हुआ निवाला अपना बनाते है।
हम इंसान अपनी अनन्त सुख सुविधाओं के मोह में ये भूल गए कि वाकई असल जिंदगी क्या है ?
जरा सोचों क्या खुद के लिए जीना कोई जिंदगी है, अगर हमारे घर में 10 रोटी बनती है तो क्या एक रोटी हम उन पक्षियों को नही दे सकते जो हमारी छत पर बैठ कर अपने बच्चों का पेट भरने के लिए उस घर के दरवाजे पर अपने निवाले का इंतजार करते है। उन्हें एक निवाला देकर तो देखो घर मे असल बरक्कत तब आएगी जब निवाला उस पक्षी के बच्चों के पेट मे जाएगा।
भगवान ने इतनी खूबसूरत चीज बनाई इंसान जिसको बोलने के साथ एक सुंदर मस्तिष्क दिया जिससे वो लोगों के दुखों को महसूस कर उसकी मदद कर सके मगर वही इंसान आज सिर्फ और सिर्फ अपनी अनन्त सुख सुविधाओं के मोह में गिरता चला जा रहा है और खाली हाथ जहाँ से आया है वहाँ खाली हाथ ही चला गया। पशु-पक्षियों पर दया करो उनसे प्रेम करो ताकि मरने के बाद वो प्रेम वो दुवाएं हम अपने साथ लेकर जा सकते है। अंत मे एक कटु सत्य कहूंगा कि इस पृथ्वी पर हर एक चीज का समय होता है और मरना सभी को होता है।
गौवंशीय पशु के अवशेष मिलने से सनसनी, मौके पर पहुंची पुलिस ने बारीकी से किया निरीक्षण।।

























