रिपोर्ट:- दीप शंकर मिश्र “दीप”
लखनऊ। 2003 बैच की तेजतर्रार एवं अत्यंत कर्तव्यनिष्ठ वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पिंकी जोवेल यूपी प्रशासन में एक सशक्त, कर्मठ और जनहितकारी अधिकारी के रूप में जानी जाती हैं। अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव के दौरान उन्होंने कई संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण जिलों में जिलाधिकारी के रूप में कार्य करते हुए सुशासन की मिसाल पेश की है।
आईएएस पिंकी जोवेल हाथरस, लखीमपुर खीरी, प्रतापगढ़, बहराइच, अम्बेडकरनगर और बरेली जैसे महत्वपूर्ण जनपदों में डीएम रह चुकी हैं। इन जनपदों में उनके कार्यकाल के दौरान विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, ज़रूरतमंदों को तुरंत मदद, पत्रों को हर सरकारी योजनाओं का लाभ और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य देखने को मिला। प्रशासनिक निर्णयों में पारदर्शिता और आमजन से सीधा संवाद उनकी कार्यशैली की विशेष पहचान रही है।
वर्तमान में आईएएस पिंकी जोवेल मिशन डायरेक्टर, एन.एच.एम के साथ-साथ स्वास्थ्य सचिव के पद की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इस पद पर रहते हुए वे यूपी की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे और सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली में सुधार को लेकर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। विभिन्न स्वास्थ्य चुनौतियों के दौर में आईएएस पिंकी जोवेल के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने कई अहम फैसले लिए, जिससे आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकीं। एक संवेदनशील, सख्त लेकिन जनहित को सर्वोपरि रखने वाली अधिकारी के रूप में आईएएस पिंकी जोवेल ने प्रशासन में अपनी अलग पहचान बनाई है।
जब पिंकी जोवेल लखीमपुर खीरी की डीएम थी तो उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जनपद में बेहतर विकास की गंगा बहाई साथ ही इन्होंने जनता से सीधा संवाद किया था और उनकी समस्याओं को सुनकर मौके पर उनका निस्तारण करना इन्हें जनपद में और भी लोकप्रिय बनाया था। यही कारण है कि आज भी लखीमपुर खीरी के लोग इन्हें याद करते है।
इन जगहों पर भी रही तैनात
सीडीओ मेरठ, विशेष सचिव स्वास्थ्य शिक्षा, विशेष सचिव वित्त विभाग, झांसी मंडल की उपायुक्त, UPSCFDS की प्रबंध निदेशक, मनरेगा की उपायुक्त, विशेष सचिव एपीसी, विशेष सचिव वक्फ बोर्ड में भी तैनात रह चुकी है। बीच में इन्हें तमिलनाडु कैडर में भी भेजा गया जहां इन्होंने कुछ समय कार्य करके पुनः यूपी कैडर में वापसी की।
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