निघासन (लखीमपुर खीरी)। कस्बा निघासन के झंडी रोड पर आयोजित राष्ट्रीय शौर्य समृद्धि 251 कुंडीय विराट गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिरस से सराबोर नजर आया। सुबह से देर शाम तक चले धार्मिक अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता रही और यज्ञ स्थल पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल प्रज्ञा योग ध्यान से हुई, जिसके उपरांत सामूहिक जप-साधना, देश पूजन एवं दो पालियों में विधिवत गायत्री महायज्ञ संपन्न कराया गया। महायज्ञ के दौरान अग्नि, वायु, जल, सूर्य, पृथ्वी माता सहित समस्त देव शक्तियों का विधि-विधान से आवाहन कर पूजन किया गया। पहली पाली में देव पूजन एवं गायत्री महायज्ञ लगभग तीन घंटे तक चला, जबकि दूसरी पाली करीब आधे घंटे तक चली।
सुधा वर्मा सचिव राजस्व तो वंदना वर्मा निदेशक महिला कल्याण दिव्य प्रकाश गिरी सहित 21 IAS ट्रांसफर।।
देव पूजन एवं महायज्ञ में लगभग 300 यजमानों ने सहभागिता की, जिनमें यज्ञ भूषण सिंह, दामोदर वर्मा, मनोज वर्मा, आशीष गुप्ता, अशोक तिवारी, श्यामसुंदर पांडे एवं पुष्कर जायसवाल प्रमुख रहे। इस दौरान करीब दस हजार श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुतियां दीं और यज्ञ केंद्रों की परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
शांतिकुंज हरिद्वार से आई गायत्री शक्तिपीठ की टोली ने समस्त पूजन एवं हवन कार्यक्रमों को विधि-विधान के अनुसार संपन्न कराया। टोली का नेतृत्व टोली नायक आदरणीय परमानंद द्विवेदी ने किया। उनके साथ सहयोगी जितेंद्र मिश्री, ओइंद्र सिंह, युग गायक रमेश तिवारी, हेम तत्त्वदर्शी, ऑर्गन वादक सोमेश्वर तांडी, छबि लाल, पैड वादक जनक, सह सहयोगी शिवम राजपूत एवं सारथी जयप्रकाश उपस्थित रहे।
शाम के समय आयोजित युग प्रवचन, भक्ति संगीत एवं सांस्कृतिक संध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। प्रवचनों के माध्यम से जीवन में संस्कार, साधना, नैतिक मूल्यों तथा राष्ट्र निर्माण की भावना को आत्मसात करने का संदेश दिया गया, जिसे श्रोताओं ने गंभीरता से ग्रहण किया।
महायज्ञ स्थल पर मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार सिंह, परियोजना निदेशक सोमनाथ चौरसिया, खंड विकास अधिकारी जयेश कुमार सिंह एवं जिला विद्यालय निरीक्षक विनोद कुमार मिश्रा भी पहुंचे। अधिकारियों ने आयोजन की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक सोच, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
निघासन में शौर्य समृद्धि 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की भव्य शुरुआत, कलश यात्रा में उमड़ा जनसागर।।























