निघासन में घर के भीतर खेल रही मासूम पर तेंदुए का अचानक हमला, बच्ची को जबड़े में दबोचकर गन्ने के खेत तक ले गया वन्यजीव; लाठी-डंडों से मुकाबला कर चाचा ने बचाई जान।
रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। जिले में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार शाम उत्तर निघासन वन रेंज के मंझरा पूरब गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां घर के आंगन में पिता के साथ खेल रही पांच वर्षीय मासूम बच्ची पर तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया। बच्ची को गर्दन से दबोचकर तेंदुआ करीब 100 मीटर दूर गन्ने के खेत की ओर खींच ले गया। इसी बीच बच्ची के चाचा ने साहस दिखाते हुए तेंदुए का पीछा किया और लाठी-डंडों से हमला कर उसके जबड़े से भतीजी को छुड़ा लिया।
जानकारी के मुताबिक, मंझरा पूरब निवासी जसविंदर सिंह उर्फ बिट्टू की पांच वर्षीय बेटी मनप्रीत कौर सोमवार शाम करीब 6:30 बजे घर के आंगन में अपने पिता के साथ खेल रही थी। परिवार के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही अचानक पहुंचे तेंदुए ने बच्ची पर झपट्टा मार दिया और उसकी गर्दन अपने जबड़ों में दबोच ली। इसके बाद वह बच्ची को घसीटते हुए घर से करीब 100 मीटर दूर गन्ने के खेत की तरफ ले गया।
बच्ची की चीख-पुकार सुनकर घर में मौजूद उसके चाचा सुखबिंदर सिंह बिना देर किए तेंदुए के पीछे दौड़ पड़े। उन्होंने गन्ने के खेत तक पहुंचकर लाठी-डंडों से तेंदुए पर लगातार वार किए। चाचा के इस साहसिक प्रयास के चलते तेंदुए की पकड़ ढीली हुई और वह बच्ची को छोड़कर गन्ने के खेत में भाग गया।
हालांकि, तेंदुए के हमले में मनप्रीत गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजन तत्काल उसे नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रमियाबेहड़ लेकर पहुंचे, जहां उसका उपचार कराया जा रहा है।
घटना से गांव में दहशत, तेंदुए को पकड़ने की मांग
घर के आंगन से मासूम बच्ची पर हुए इस हमले के बाद पूरे गांव में भय और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर चिंता है कि आबादी के बीच तेंदुए की मौजूदगी बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को जल्द पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है।

















