लखनऊ। योगी सरकार ने प्रशासनिक कार्यों में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए एटा के डीपीआरओ मो. राशिद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। सेवानिवृत्त सहायक विकास अधिकारी रूपलाल को नोशनल पदोन्नति के आधार पर वेतन निर्धारण किए जाने के मामले में अनदेखी पाए जाने पर डीपीआरओ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
शासन स्तर से प्राप्त निर्देशों के बावजूद प्रकरण का समयबद्ध और नियमानुसार निस्तारण न होने को गंभीर प्रशासनिक चूक माना गया। इसके चलते संबंधित अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें पंचायती राज निदेशालय से संबद्ध कर दिया गया है।
डीएम कार्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि शासन की प्राथमिकता वाले मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सेवा संबंधी प्रकरणों का निस्तारण पारदर्शिता और तय समयसीमा में सुनिश्चित किया जाए, ताकि कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सरकारी कार्यों में शिथिलता बरतने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
एटा के डीएम प्रेम रंजन सिंह ने डिप्टी कलेक्टर पीयूष रावत अग्रिम आदेश तक डीपीआरओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।
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