रिपोर्ट:- शरद मिश्रा “शरद”
निघासन खीरी। आज के दौर में जहां किसान महंगी खाद व कीटनाशक का प्रयोग कर खेती में मुनाफा नही कमा पा रहे है वहीं तहसील निघासन कस्बे के रहने वाले हरप्रीत जैविक खेती के माध्यम से अच्छी कमाई कर रहे है। इन्होंने अपने खेत में ही कोल्हू लगा रक्खा है। जिसकी मदद से ये शुद्ध केमिकल मुक्त गुड व शक्कर बनाते है।
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फिर उसे मार्केट में बेचते है। हरप्रीत का कहना है की आज के दौर में लोगों में शुद्ध चीजों की मांग है मगर उन्हें शुद्ध चीजें नही मिल पाती है। जिसको देखते हुए इन्होंने स्वयं जैविक खेती की शुरुआत की और गन्ने की अच्छी फसल पैदा की जिसके बाद उसी गन्ने से इन्होंने शुद्ध जैविक गुड व शक्कर बना कर बाजार में बेचा जिससे इन्हे अच्छा मुनाफा हुआ और लोगों की डिमांड बढ़ती गई।
लगभग 40 वर्षीय हरप्रीत सिंह पहले सेना में थे वहां से सेवानिवृति होने के बाद लगभग 6 वर्ष पूर्व से जैविक खेती की शुरुआत की है और इनके खेती करने के अंदाज ने उन्हें क्षेत्र में एक नई पहचान दी है। ये जैविक गन्ने की फसल को इस तरह से उगाते है की इसके साथ में ही ये जैविक आलू, लहसुन, टमाटर व पपीता की भी खेती करते है। हरप्रीत ने बताया की गन्ने की बुआई इस ढंग से करते है की गन्ने के बीच में वो इतनी जगह छोड़ते है की वहां अन्य फसल भी उगाई जा सके। ये क्षेत्र में इतना प्रचलित हो गए है की इनके पास जैविक गुड व शक्कर की इतनी मांग होती है की जिसे ये पूरा नहीं कर पाते। इनके फार्म हाउस जिसका नाम गुरु नानक रसायन मुक्त कृषि फार्म पर कई बार कृषि विभाग के अधिकारी भी जाकर इनकी जैविक खेती को देखा व इनके द्वारा निर्मित गुड का स्वाद चखा है। इन्हे कृषि विभाग की तरफ से सम्मानित भी किया जा चुका है।
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