रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। जनपद खीरी के निवासी नेशनल शूटर स्वर्ण पदक विजेता जी.एस सिंह ने अपने उत्कृष्ट निशाने और दृढ़ संकल्प के बल पर जिले का नाम प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। वे नेशनल शूटर व स्वर्ण पदक विजेता होने के साथ-साथ रायफल एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव भी है।
जी.एस सिंह न केवल निशानेबाजी के क्षेत्र में युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं, बल्कि अपने सादगीपूर्ण जीवन और सच्चाई की मिसाल के रूप में भी जाने जाते हैं। वे हमेशा युवाओं को “सच बोलने और सच्चाई के मार्ग पर चलने” की प्रेरणा देते हैं।
राजनीतिक क्षेत्र में भी उन्होंने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई है। वे निघासन विधानसभा से बसपा पार्टी के प्रत्याशी रह चुके हैं। चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी को लगभग 20 हजार अतिरिक्त वोट दिलाए थे। भले ही वह चुनाव नहीं जीत सके, लेकिन जनता के बीच उनकी ईमानदार छवि और सरल स्वभाव ने उन्हें लोकप्रिय बना दिया।
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निशानेबाजी के प्रति उनके जुनून का ही परिणाम है कि वे जिले के कई युवाओं को इस खेल से जोड़ने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। उनकी लगन और प्रतिभा को देखते हुए जिले के आला अधिकारी भी कई बार उन्हें सम्मानित कर चुके हैं।
जी.एस सिंह के बेटे विकास सिंह तोमर ने भी अपने पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतियोगिताओं में भाग लिया है और गोल्ड व सिल्वर मेडल जीतकर परिवार और जिले का गौरव बढ़ाया है। जीएस सिंह इन दिनों भाजपा पार्टी से जुड़े हुए है और जिले में सक्रिय राजनीति में अपनी अहम भूमिका निभाते है।
खेती में रखते है विशेष रुचि
अपने निशाने से जनपद लखीमपुर खीरी का नाम रोशन करने वाले नेशनल शूटर स्वर्ण पदक विजेता जी.एस सिंह खेती किसानी पर महारथ हासिल कर रखी है। ये मुख्य रूप से गन्ना, केला, धान, गेहूं, सरसों इत्यादि फसलों पर ज्यादा जोर देते है। जी.एस सिंह का कहना है कि वह किसान के बेटे है इसलिए खेती करना उन्हें पसंद है। इन्होंने गन्ने की कई किस्मों पर गहनता से प्रयोग भी किया है जिसके चलते क्षेत्र जब अच्छे किसानों की बात आती है तो इनका नाम भी बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है।
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