लखीमपुर लखनऊ अलीगढ वाराणसी आगरा आजमगढ़ इटावा एटा उन्नाव कनौज कानपूर कासगंज गोरखपुर गाजीपुर कुशीनगर कौशांबी गाज़ियाबाद गौतमबुद्ध नगर चंदौली चित्रकूट जालौन जौनपुर झाँसी देवरिया पीलीभीत प्रतापगढ़ प्रयागराज फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूँ बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बारांबकी बिजनौर बुलंदशहर भदोही मऊ मथुरा महाराजगंज महोबा मिर्ज़ापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली ललितपुर शाहजहांपुर श्रावस्ती संत कबीर नगर संत रविदास नगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस अन्य
Latest news

विज्ञापन

संगठनात्मक बदलाव के बाद पहला इम्तिहान, क्या चुनावी रण में दिखेगा नए जिलाध्यक्ष का दम?

By: दीप मिश्रा संपादक

On: Sunday, March 1, 2026 10:13 AM

Google News
Follow Us

रिपोर्ट:- शरद मिश्रा
लखीमपुर खीरी। बीजेपी ने जिले में संगठनात्मक बदलाव करते हुए अरविंद गुप्ता को नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया है। लंबे समय से चल रही अटकलों और चर्चाओं पर विराम लगाते हुए पार्टी हाईकमान ने यह निर्णय लिया, जिससे कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
अरविंद गुप्ता को बूथ स्तर पर सक्रियता और संगठन को मजबूत करने के लिए जाना जाता है। पार्टी के भीतर उन्हें जमीनी कार्यकर्ता के रूप में पहचान मिली है। ऐसे समय में जब विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, संगठन ने उनके कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

जिन्होंने अपने सामने ही बेटों को सियासत की उड़ान भरते देखा, ऐसे नेताओं को भला कौन नहीं जानता?

पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील का लगभग छह वर्षों का कार्यकाल संगठनात्मक दृष्टि से प्रभावी माना गया। उनके कार्यकाल में जिले की सभी आठ विधानसभा सीटों पर भाजपा विधायक काबिज हैं। हालांकि, हालिया लोकसभा चुनाव में लखीमपुर खीरी जनपद की दोनों सीटों (खीरी और धौरहरा) पर पार्टी प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से ही जिले में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।
पार्टी सूत्रों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय होंगे। ऐसे में नवागत जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता के सामने संगठन को एकजुट रखते हुए बूथ प्रबंधन मजबूत करना और कार्यकर्ताओं में समन्वय स्थापित करना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या अरविंद गुप्ता के नेतृत्व में भाजपा एक बार फिर जिले की आठों विधानसभा सीटों पर अपना परचम लहरा पाएगी या विपक्षी दल मुकाबले को कड़ा बनाएंगे। फिलहाल, आगामी चुनाव ही नए जिलाध्यक्ष की कार्यशैली और रणनीति की असली परीक्षा साबित होंगे।

किसानों की अनुमति के बिना गन्ना प्रजाति बदलकर खरीद करना नियम विरुद्ध, दोषी चीनी मिलों पर गिरेगी गाज।।

विज्ञापन

For Feedback - pratibhatimes1@gmail.com

Join WhatsApp

Join Now

Join you tube

Subscribe

Related News

March 1, 2026

March 1, 2026

February 28, 2026

February 28, 2026

February 28, 2026

February 27, 2026

Leave a Comment