डेयरी योजना: भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां पशुपालन खासकर डेयरी व्यवसाय, गांवों के अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। किसानों की आमदनी 2 गुनी करने के क्षेत्र में मोदी सरकार डेयरी स्कीम के माध्यम से एक अलग बदलाव लाने की कोशिश कर रही हैं। यह स्कीम न केवल दूध उत्पादन बढ़ाने में मददगार है, बल्कि स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण का भी सशक्त माध्यम बन रही है।
पशुओं की खरीद में सब्सिडी
डेयरी स्कीम के तहत लाभार्थी को 2, 4 या अधिक दूध देने वाली गाय या भैंस खरीदने पर पच्चीस प्रतिशत से तैंतीस प्रतिशत तक की गारमेंट सब्सिडी मिलती है। यह सब्सिडी एससी/एसटी, महिलाओं और सीमांत किसानों के लिए और अधिक हो सकती है।
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बैंक लोन की सुविधा
डेयरी यूनिट शुरू करने के लिए बैंकों द्वारा कम ब्याज दर पर लोन दिया जाता है, जिसे आसान प्रीमियम में चुकाया जा सकता है।
डेयरी प्लांट और कोल्ड स्टोरेज
यदि कोई उद्यमी बड़े स्तर पर दूध संग्रहण या प्रोसेसिंग यूनिट लगाना चाहता है तो उसे मशीनरी, कोल्ड स्टोर और ट्रांसपोर्ट वाहन के लिए भी मदद मिलती है।
डेयरी स्कीम में आवेदन की प्रक्रिया
- ऑनलाइन आवेदन:- कई योजनाओं के लिए अब आवेदन ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध है।
- आवश्यक दस्तावेज:- आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक, पशु खरीद का प्रस्ताव, फोटो आदि।
- बैंक से संपर्क:- लोन और सब्सिडी के लिए किसी मान्यता प्राप्त बैंक से संपर्क करना होता है।
- प्रशिक्षण:- कई योजनाओं के अंतर्गत डेयरी पालन का प्रशिक्षण भी अनिवार्य होता है।
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