रिपोर्ट:- दीप शंकर मिश्र “दीप”
लखनऊ। हर साल देशभर से लगभग 10 लाख युवा संघ यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन इनमें से केवल कुछ हजार अभ्यर्थी ही सफलता हासिल कर प्रशासनिक सेवाओं में चयनित हो पाते हैं। यह परीक्षा न केवल कठिन मानी जाती है, बल्कि इसमें अभ्यर्थियों को उनके वर्ग के अनुसार सीमित प्रयास भी मिलते हैं। कई उम्मीदवार अंतिम प्रयास में सफलता का परचम लहराते हैं, तो कुछ ऐसे भी होते हैं जो पहले ही प्रयास में इस प्रतिष्ठित परीक्षा को उत्तीर्ण कर इतिहास रच देते हैं।
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इनमें विशेष रूप से आईएएस सौरभ बाबू माहेश्वरी का नाम उल्लेखनीय है। उन्होंने वर्ष 2000 में आयोजित यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में प्रथम रैंक प्राप्त की थी। सौरभ बाबू माहेश्वरी ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री हासिल की है और यूपीएससी परीक्षा में उन्होंने गणित तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना था। परीक्षा परिणाम को लेकर वह आश्वस्त जरूर थे, लेकिन प्रथम स्थान प्राप्त करना उनके लिए भी एक सुखद आश्चर्य था।
वर्तमान में आईएएस सौरभ बाबू माहेश्वरी यूपी सरकार में प्रमुख सचिव सहकारिता के पद पर तैनात है साथ ही इन्हें प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। उनकी सफलता आज भी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है, जो सिविल सेवा में जाकर देश और समाज की सेवा का सपना देखते हैं।।
इनके कार्यों के प्रति लगन व निष्ठा को देखकर आए दिन लोग इनकी सराहना करते देखे जाते है तो वहीं इन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ के पसंदीदा वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों में भी गिना जाता है।
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