लखनऊ। इन दिनों सभी की निगाहें पंचायत चुनाव की तारीखों पर टिकी है कि कब पंचायत चुनाव का ऐलान होगा। हालांकि गांवों में पंचायत चुनाव को लेकर प्रत्याशियों में हलचल शुरू हो गई है मगर कहीं न कहीं प्रत्याशियों में पूर्व की भांति उत्साह अभी बाहर नहीं आया है। कोई पंचायत चुनाव को विधानसभा चुनाव के बाद होने की बात कर रहा है तो कोई पहले ही चुनाव होने की बात कर रहा है मगर इन सब बातों में आखिर कितनी सच्चाई है आइए जानते है।
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उत्तरप्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर का कहना है कि जुलाई से पहले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव करा दिए जाएंगे। जिसमें प्रधान, बीडीसी व जिला पंचायत सदस्य का चुनाव शामिल है। मिली जानकारी के अनुसार इसके लिए चुनाव आयोग ने निर्धारित खर्च भी तय कर दिया है। इस बार प्रधान पद के प्रत्याशी एक लाख पच्चीस हजार रुपए खर्च कर सकेंगे तो वहीं बीडीसी एक लाख रुपए तक खर्च कर सकेंगे, जिला पंचायत सदस्य दो लाख तक रुपए खर्च कर सकेंगे।
मंत्री ओमप्रकाश राजभर का कहना है कि जुलाई से पहले हर हाल में चुनाव संपन्न करा दिए जाएंगे। जिसके लिए चुनाव आयोग ने अपनी कमर कस ली है और लगभग 60 करोड़ मत पत्र भी छप चुके है जिन्हें हर जनपदों में भेजा जा रहा है। एस.आई.आर का कार्यक्रम फरवरी के प्रथम सप्ताह तक चलेगा और जो आपत्तियां मांगी गई है उसका निस्तारण भी हो रहा है। चुनाव को समय से निपटाने के लिए चुनाव आयोग मार्च के प्रथम सप्ताह में अंतिम मतदाता सूची को जारी कर देगा।
इन चुनावों के बाद नवनिर्वाचित बीडीसी सदस्य अपना ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित करेंगे तो वहीं जिला पंचायत सदस्य अपना जिला पंचायत अध्यक्ष चुनेंगे। अब देखना यह होगा कि आखिर कब तक चुनाव आयोग तारीखों का ऐलान करेगा।
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